चंबा | भेषज
सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार का एक शर्मनाक चेहरा सामने आया है। कांगड़ा जिला में सामाजिक सुरक्षा पेंशन वितरण में हुए एक बड़े फर्जीवाड़े की जांच अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए चंबा में तैनात शाखा डाक अधिकारी (BPM) होशियार सिंह के आवास पर छापेमारी की है।
मृतकों के नाम पर 9 लाख से अधिक का गबन
जांच में खुलासा हुआ है कि डाक मंडल धर्मशाला के अंतर्गत मंजवा शाखा डाकघर में वर्ष 2012 से तैनात होशियार सिंह ने मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखते हुए सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाया। आरोपी पर आरोप है कि उसने 19 ऐसे लाभार्थियों के खातों का इस्तेमाल किया, जिनकी मृत्यु हो चुकी थी। 6 जून 2024 से 13 सितंबर 2025 की अवधि के बीच, इन मृत लाभार्थियों के खातों से कुल 9 लाख 2 हजार रुपये की पेंशन राशि अवैध रूप से निकाली गई। आरोप है कि इसके लिए फर्जी निकासी पत्र तैयार किए गए और उन पर जाली अंगूठे के निशान लगाकर बड़ी चालाकी से रकम डकार ली गई।
CBI की ‘अग्निपरीक्षा’: दस्तावेजों की पड़ताल शुरू
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, शिमला ने मामले का गोपनीय सत्यापन किया। पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद तीन अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। सोमवार को चंबा में की गई छापेमारी इसी जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जांच के केंद्र में विभागीय लापरवाही
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का जिम्मा सीबीआई निरीक्षक अंकुर शर्मा को सौंपा गया है। सीबीआई के पुलिस अधीक्षक राजेश चेल के कुशल निर्देशन में जांच टीम बैंक रिकॉर्ड, डाक विभाग के वित्तीय दस्तावेज, डिजिटल लेनदेन और अन्य साक्ष्यों को बारीकी से खंगाल रही है। सीबीआई की टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि यह गबन अकेले होशियार सिंह द्वारा किया गया है या इसमें विभागीय स्तर पर अन्य अधिकारियों की भी मिलीभगत है।
सीबीआई की इस सख्त कार्रवाई ने भ्रष्ट तंत्र में हड़कंप मचा दिया है। एजेंसी स्पष्ट कर चुकी है कि जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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