शिमला, सुरेंद्र राणा;भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने हिमाचल प्रदेश में सीमेंट कंपनियों द्वारा एक बार फिर 5 रुपये प्रति बोरी दाम बढ़ाने पर कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश में महंगाई बेलगाम हो चुकी है और सरकार पूरी तरह मूकदर्शक बनी हुई है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनवरी 2026 में भी सीमेंट कंपनियों ने 5 रुपये प्रति बोरी की बढ़ोतरी की थी। उस समय ACC सीमेंट 390 रुपये से बढ़ाकर 395 रुपये, ACC गोल्ड 435 से 440 रुपये, अंबुजा सीमेंट 400 से 405 रुपये और अल्ट्राटेक सीमेंट 395 से 400 रुपये प्रति बोरी किया गया था।राकेश जमवाल ने कहा कि इससे पहले भी प्रदेश में लगातार दो बार सीमेंट के दाम बढ़ाए गए थे, जिसके बाद कई क्षेत्रों में सीमेंट 435 रुपये से लेकर 490 रुपये प्रति बोरी तक पहुंच गया था। रिपोर्टों के अनुसार पिछले दो वर्षों में सीमेंट के दामों में लगभग 30 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन कंपनियों को हिमाचल की जमीन, पानी और प्राकृतिक संसाधनों का लाभ मिलता है, वही कंपनियां हिमाचल की जनता को पड़ोसी राज्यों की तुलना में महंगा सीमेंट बेच रही हैं। वर्ष 2012 में भी यह मुद्दा उठा था, जब प्रदेश में सीमेंट पंजाब और हरियाणा की तुलना में 50 से 75 रुपये प्रति बोरी महंगा बिक रहा था और तत्कालीन भाजपा सरकार के दबाव के बाद कंपनियों को 25 रुपये प्रति बोरी दाम घटाने पड़े थे।भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस सरकार की कमजोरी और निष्क्रियता के कारण आज सीमेंट कंपनियां मनमानी कर रही हैं। प्रदेश में डीजल, परिवहन, सरिया और निर्माण सामग्री पहले ही महंगी हो चुकी है, ऊपर से लगातार सीमेंट के दाम बढ़ने से गरीब, मध्यम वर्ग, किसान और आपदा प्रभावित परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।राकेश जमवाल ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में घर बनाना पहले ही महंगा है और अब लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी का सपना तोड़ दिया है। हजारों परिवार आज भी प्राकृतिक आपदा के बाद अपने घरों का पुनर्निर्माण कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार को जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है।उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार तुरंत सीमेंट कंपनियों के साथ बैठक कर दामों में हुई बढ़ोतरी वापस करवाए और हिमाचल की जनता को राहत देने के लिए ठोस नीति बनाए। भाजपा जनता के हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी और कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों को उजागर करती रहेगी।
