शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल से कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं।विधानसभा सचिवालय की ओर से उन्हें ‘सर्टिफिकेट ऑफ इलेक्शन’ सौंपा गया है। राज्यसभा चुनाव के लिए केवल अनुराग शर्मा का ही नामांकन पत्र दाखिल हुआ था और आज नामांकन वापस लेने का अंतिम दिन था। ऐसे में अनुराग शर्मा निर्विरोध सांसद चुन लिए गए हैं। मौजूदा राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अनुराग शर्मा राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इस बीच शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अनुराग शर्मा के स्वागत में अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित मंत्री और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अनुराग शर्मा की जीत को कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं की जीत बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में हमेशा कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाती है।
मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर द्वारा उठाए गए अनुराग शर्मा की संपत्ति से जुड़े सवालों पर कहा कि पैतृक संपत्ति किसी भी कार्यकर्ता के पास हो सकती है और यह मेहनत से अर्जित की गई संपत्ति भी हो सकती है। ऐसे में भाजपा को इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने जयराम ठाकुर द्वारा उन पर मित्रों को प्राथमिकता देने के आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को भाजपा उनका मित्र बता रही है, वे एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के समय से कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता रहे हैं और लंबे समय से पार्टी से जुड़े हुए हैं। वहीं जयराम ठाकुर ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में हजारों करोड़ के ठेकों के माध्यम से अपने ठेकेदार मित्रों को प्रदेश की संपत्ति लुटाई थी।
इस दौरान नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने कांग्रेस पार्टी हाईकमान और अपने सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। अनुराग शर्मा ने अपनी संपत्ति को लेकर उठे सवालों पर भी स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उनके पिता द्वारा अर्जित मेहनत की कमाई उन्हें पैतृक संपत्ति के रूप में मिली है। इसके अलावा वे स्वयं भी पर्यटन कारोबार से जुड़े हैं, जिससे उन्होंने संपत्ति अर्जित है। अनुराग शर्मा ने उन पर दायर की गई शिकायत का जवाब देते हुए कहा कि नामांकन पत्र में उन्होंने अपनी सभी संपत्तियों का पूरा विवरण दिया है और कोई भी संपत्ति छुपाई नहीं गई है। उन्होंने कहा कि वे नियमित रूप से आयकर भरते हैं और अपनी आयकर रिटर्न में भी अपनी पूरी संपत्ति का विवरण देते हैं। ऐसे में यदि किसी को संदेह है तो आयकर रिटर्न के माध्यम से इसकी जांच की जा सकती है।
