हिमाचल विधानसभा सत्र पर घमासान, जयराम ठाकुर बोले कार्यसूची और बजट को लेकर भ्रम।
शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मौजूदा सत्र को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सत्र की कार्यवाही से पहले बजट प्रस्तुति और कार्यसूची को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। सत्र की शुरुआत उनका कहना है कि यह स्पष्ट नहीं है कि सत्र बजट सत्र है या नहीं, बजट कब पेश होगा और प्रश्नकाल आयोजित होगा या नहीं। जयराम ठाकुर ने मांग की है कि परंपरा के अनुसार राज्यपाल के अभिभाषण पर पहले चर्चा कराई जाए और उसके बाद ही अन्य विधायी कार्य लिए जाएं।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि केवल तीन दिनों की अधिसूचना जारी की गई है, जिससे विधायकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल के अभिभाषण के दिन ही अन्य विधायी कार्य लेने की तैयारी की जा रही है, जो अब तक की परंपराओं के विपरीत है।
जयराम ठाकुर ने बताया कि सर्वदलीय बैठक में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष और संसदीय कार्य मंत्री के समक्ष यह मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि विपक्ष किसी भी प्रस्ताव या संकल्प पर चर्चा से पीछे नहीं हट रहा, लेकिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा पूरी होने के बाद ही अन्य प्रस्ताव लाए जाने चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि बजट कब पेश होगा, अनुदान मांगों पर चर्चा कब होगी, कट मोशन कब लिए जाएंगे और सत्र की अवधि क्या होगी—इन सभी मुद्दों पर स्पष्टता नहीं है। यदि परंपरा के विपरीत कार्यवाही की गई तो विपक्ष सदन के भीतर इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगा।
