शिमला जिला में हुआ पहला हिमपात,शिकारी देवी में बर्फबारी ने तोड़ा इतने सालों का रिकॉर्ड

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पंजाब दस्तक, सुरेंद्र राणा: येलो अलर्ट के बीच हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में एक फीट तक बर्फबारी रिकॉर्ड हुई है। राजधानी शिमला के नारकंडा, अटल टनल रोहतांग, मढ़ी, पर्यटन नगरी डलहौजी के लक्कड़ मंडी, जोत और कुल्लू के जलोड़ी दर्रे में सीजन का पहला हिमपात हुआ है। अक्तूबर में शिमला के नारकंडा, हाटू पीक में पहली बार बर्फ गिरी है। मंडी के शिकारी देवी में अक्तूबर में 10 सेंटीमीटर बर्फबारी का पिछले 40 वर्षों का रिकॉर्ड टूटा है। पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश और ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी से तापमान में 9 डिग्री की गिरावट आई है। जलोड़ी जोत में 12 सेंटीमीटर तक हिमपात हुआ है। औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 भी यातायात के लिए अवरूद्ध हो गया है। इससे आनी और निरमंड ब्लॉक की पंचायतों का जिला मुख्यालय कुल्लू से संपर्क कट गया है

राजधानी शिमला और ऊपरी इलाकों में सुबह-शाम कड़ाके की ठंड का अहसास होने लगा है। शिमला में दोपहर 12:00 बजे तक धुंध के साथ अंधेरा छाया रहा। अंधड़ और बारिश से सुबह स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बर्फबारी के कारण तीसरे दिन चार घंटे बाद बहाल हुआ मनाली-लेह मार्ग सोमवार दोपहर 2:00 बजे फिर बंद हो गया। सामरिक मार्ग से 210 वाहन आरपार हुए। 195 वाहन दारचा से लेह गए और 10 वाहन लेह से मनाली आए।

बर्फबारी के कारण रोहतांग दर्रा पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है। पर्यटकों को मढ़ी तक ही जाने दिया जा रहा है। अटल टनल में भी बर्फ के फाहे गिरने से सोलंगनाला से आगे दो पहिया वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिला प्रशासन ने मौसम को देखते हुए सैलानियों को ऊंची चोटियों की तरफ न जाने और मनाली-लेह मार्ग पर सफर से बचने की हिदायत दी है।भरमौर-पठानकोट हाईवे समेत चंबा जिले के पांच मार्गों पर भूस्खलन से यातायात बाधित है। औड़ा पंचायत के सदेटा गांव में बिजली गिरने से खेतों में रखे घास में आग लग गई। सिरमौर के निचले क्षेत्रों और सोलन के नालागढ़ में बारिश से खेतों में काटी धान की फसल भीग गई। हालांकि, गेहूं, लहसुन और मटर की बिजाई के लिए बारिश फायदेमंद मानी जा रही है।

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