वेव एस्टेट प्रबंधन सोया कुम्भकर्ण की नींद, प्रबंधन को लाखों रूपये अदा करने के बावजूद नहीं मिल रही सुविधाएं.

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पंजाब,मोहाली,सुरेंद्र राणा, मोहाली के सेक्टर 85 में स्थित वेव स्टेट 300 एकड़ में फैला है. लेकिन जो आधारभुत सुविधायें होनी चाहिए उनसे यहाँ के लोग वंचित हैं. यह मोहाली का सबसे महंगा सेक्टर हैं जो मेगा प्रोजेक्ट के अंदर आता है. साफ पानी, स्कूल व अन्य मूलभूत सुविधाएं होनी चाहिए वह यहाँ अभी भी लोगों को नहीं मिल पाई हैं. लोगों ने कई बार अपनी मांगे वेव एस्टेट प्रबंधन के सामने रखी हैं लेकिन इस पर गौर नहीं हुआ. लोगों का कहना हैं कि पार्क में लगे ट्रांसफार्मर लोगों व बच्चों के लिए खतरे की घंटी हैं. वेव एस्टेट में 1 हजार से ज्यादा परिवार रहते हैं. ट्रांसफार्मर किसी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दें रहें हैं. वेव एस्टेट सोसाइटी व गमाडा से आग्रह किया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. वेव एस्टेट के लोग सालाना भारी भरकम शुल्क अदा करते हैं लेकिन बावजूद इसके उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पार्क में आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं जिससे वहाँ गंदगी का आलम रहता हैं. पार्क में टाइल्स जगह जगह उखड़ी हुई है.सिक्योरिटी की कोई व्यवस्था नहीं है.

लोगों का कहना है कि उन्हें साफ व स्वच्छ पानी मुहैया करवाए. वेव एस्टेट में बैंक के साथ एटीएम की व्यवस्था करवाई जाए ताकि लोगों को बाहर न जाना पड़े. इसके अतिरिक्त यहाँ पर रोड़ काफ़ी टूटी हालत में हैं उबड़ खाबड़ रोड़ की हालत सुधारी जाए. वेव एस्टेट के कॉमर्शियल एरिया में शौचालय बनवाएं जाए जिससे महिलाओं ओर बुजुर्गों को दिक्क़तो का सामना न करना पड़े. लोगों का कहना हैं कि पिछले कुछ समय से वेव एस्टेट में कूड़ा कर्कट इधर उधर बिखरा रहता हैं जिससे बीमारिया फैलने का भी खतरा रहता हैं इसलिए यहां डस्टबिन कि ब्यवस्था की जाए. जितना वह शुल्क अदा करते हैं उसके मुकाबले में सविधाएं नाम मात्र की मिल रही हैं.लोग पहले भी कई बार इन मांगो को उठा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई.

लोगों ने मांग की है कि 300 एकड़ में फैले वेव एस्टेट में स्कूल व धार्मिक स्थान मंदिर, गुरूद्वारे के निर्माण के लिए जमीन मुहैया करवाई जाए. जैसे ही जमीन मिलेगी लोग तुरंत गुरूद्वारे,मंदिर का निर्माण शुरू करवाएंगे. क्लब हाउस का दावा भी खोखला साबित हुआ है इसके लिए लाखों की पेमेंट एडवांस में ले ली गई है लेकिन इसे लोगों को सपुर्द नहीं किया गया है जिससे सेक्टर में रहने वाले लोगों में रोष व्याप्त है. स्विमिंग पुल है लेकिन पानी नहीं हैं. लोगों ने इन मांगो पर तुरंत कार्यवाही की मांग की है.

ऐसे में यह सोचनीय है कि ज़ब लोग लाखों रूपये प्रबंधन को देते है तो उन्हें इन सुविधाओं से क्यों महरूम रखा जा रहा है. सेक्टर के लोगों ने प्रबंधन को अल्टीमेटम दिया है कि उनकी इन मांगो को तुरंत पूरा किया जाए या फिर अंजाम भुगतने को तैयार रहें.

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