शिमला, सुरेंद्र राणा: पालमपुर के कारोबारी निशांत कुमार शर्मा द्वारा अपने और अपने परिवार की जान को बताए खतरे की शिकायत पर हाईकोर्ट ने FIR करने के निर्देश दिए हैं. मामले पर सुनवाई के पश्चात मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एसपी शिमला और कांगड़ा को आदेश दिए कि वे शिकायतकर्ता को उचित सुरक्षा मुहैया करवाये. पिछली सुनवाई को कोर्ट ने इस मामले में एसपी शिमला और एसपी कांगड़ा से स्टेट्स रिपोर्ट तलब की थी.
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हैरानी जताई की इस मामले में जान को खतरे जैसे गंभीर आरोप लगाने वाले पीड़ित की प्राथमिकी अभी तक दर्ज नहीं की गई. कोर्ट ने कहा कि प्रार्थी ने गंभीर आरोप लगाते हुए गैंगस्टर से अपने और अपने परिवार की जान को खतरे की बात कही है, फिर भी उसके लगाए आरोपों पर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई जबकि मानहानि के आरोप लगाने वाले की तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई. अब कोर्ट ने मामले पर अगली सुनवाई 22 नवम्बर को निर्धारित की है.
मामले के अनुसार निशांत कुमार शर्मा ने 28 अक्तूबर 2023 को हाईकोर्ट को ईमेल के माध्यम से अपने और अपने परिवार की जान को खतरे की बात लिखी है. कारोबारी ने शिकायत में लिखा कि गुरुग्राम में भी उस पर हमला हो चुका है जिसमें वह बच गया. इस वारदात की रिपोर्ट को वापिस लेने का दबाब बनाने के लिए उस पर दो बाइक सवार व्यक्तियों ने भागसूनाग और मैक्लोडगंज के बीच वाले रास्ते में रोककर धमकाया. ई-मेल के मुताबिक डीजीपी कार्यालय से उसे एक ही दिन में 14 फोन आए. उसे डीएसपी व एसएचओ पालमपुर ने भी फोन किए। एसएचओ पालमपुर ने व्हाट्सएप मैसेज कर बताया कि डीजीपी उससे बात करना चाहते हैं इसलिए उसे डीजीपी कार्यालय में वापिस कॉल कर लेनी चाहिए. कॉल बैक करने पर डीजीपी ने कहा कि निशांत तुम शिमला आओ और उनसे मिलो.
हाई कोर्ट के आदेश पर आज कांगड़ा पुलिस ने कारोबारी निशांत शर्मा की शिकायत के आधार पर दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.
कांगड़ा की एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने दो अज्ञात लोगों के खिलाफ रास्ता रोकने, धमकाना व गाली गलौच करने को लेकर IPC की धारा 341, 504 व 506 के तहत मामला दर्ज के जांच शुरू कर दी है.
