शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति की मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ बैठक हुई। मुख्यमंत्री कार्यालय में करीब दो घंटे चली बैठक में 18 संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सीएम सुक्खू ने 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 तक सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की बकाया राशि का 40% हिस्सा 31 जुलाई 2026 तक देने पर सहमति दी। शेष राशि किस्तों में दी जाएगी। लंबित चिकित्सा बिलों के तुरंत भुगतान के निर्देश दिए गए। एचआरटीसी पेंशनरों के साथ अलग से बैठक करने पर सहमति बनी। एचआरटीसी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को महीने की पहली तारीख को पेंशन देने और 50 हजार रुपये की पहली किस्त देने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा कॉरपोरेट सेक्टर के रिटायर्ड कर्मचारियों को पेंशन, बिजली बोर्ड कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और पुलिस पेंशनरों को सेना की तर्ज पर कैशलेस उपचार व सरकारी सेवा में बच्चों के लिए अलग कोटा निर्धारित करने पर विचार किया गया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर, महासचिव इन्द्र पाल शर्मा, भूप राम वर्मा, बृज लाल ठाकुर, चमन भाटिया, देवी लाल ठाकुर, शिव सिंह सेन, हरमेश राणा, मदन लाल शर्मा, नीलम चौहान, रमा चन्देल, मीरा ठाकुर समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। समिति के मीडिया प्रभारी सैन राम नेगी ने बताया कि अगर 15 अगस्त 2026 तक बैठक में लिए गए निर्णयों को सरकार लागू नहीं करती है तो पेंशनर्स का संघर्ष जारी रहेगा।
