शिमला, सुरेंद्र राणा: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के बाद भी कैबिनेट मंत्री प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में नहीं बैठ रहे हैं। दो मार्च को मुख्यमंत्री ने कांग्रेस मुख्यालय में एक मंत्री को माह में एक दिन बैठने के निर्देश दिए थे। अप्रैल और मई में कोई भी मंत्री पार्टी मुख्यालय में नहीं बैठा। जून का महीना भी आधा गुजर गया है। करीब ढाई माह माह बाद भी मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन सुनिश्चित नहीं हो सका है।
संगठन से जुड़े लोगों की समस्याएं दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने यह प्रावधान किया था। दो मार्च को मुख्यमंत्री स्वयं दिनभर पार्टी मुख्यालय में बैठे थे। इस दौरान पार्टी प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के साथ मुख्यमंत्री ने कार्यालय में बैठकर कई जनसमस्याओं का निपटाया किया था। पार्टी के कार्यकर्ताओं को अपने काम के लिए सचिवालय के चक्कर न काटने पड़े, इसके लिए यह व्यवस्था की गई थी।
लेकिन अभी तक यह व्यवस्था परिवर्तन धरातल पर नहीं उतर पाई है। मुख्यमंत्री के निर्देश दरकिनार हो गए हैं। प्रदेश सचिवालय में हर व्यक्ति मंत्रियों से मुलाकात आसानी से नहीं कर पाता है। दूरदराज के क्षेत्रों से शिमला आने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को इस कारण कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि मंत्री कांग्रेस मुख्यालय में बैठेंगे तो संगठन को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं को आसानी से अपनी समस्याएं सरकार के समक्ष उठाने का मौका मिल सकता है।
डिप्टी सीएम सहित आठ मंत्रियों ने नहीं उठाई जहमत
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री समेत 8 मंत्रियों धनीराम शांडिल, चंद्र कुमार, हर्षवर्धन चौहान, जगत सिंह नेगी, रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह ने अभी तक पार्टी कार्यकर्ताओं को समय देने के लिए राजीव भवन में बैठने की जहमत नहीं उठाई है।
