पंजाब, सुरेंद्र राणा: पंजाब के मोहाली में विजिलेंस ब्यूरो ने अमरूद के पौधों के मुआवजे में करोड़ों का घोटाला मामले में सेवानिवृत्त पटवारी सुरिंदरपाल को गिरफ्तार किया है। जिस समय ये घोटाले हुआ था, उस समय पटवारी भूमि अधिग्रहण कलेक्टर ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के कार्यालय में तैनात था। इस घोटाले में यह 19वीं गिरफ्तारी है।
जिला मोहाली में यह घोटाला बाकरपुर गांव में गमाडा द्वारा अधिग्रहीत जमीन के बदले जारी किए गए करोड़ों रुपए के मुआवजे में हुआ था। आरोपी सुरिंदरपाल सिंह को श्रीमुक्तसर साहिब से गिरफ्तार किया गया है।
सुरिंदरपाल द्वारा दी गई गलत जानकारियां
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि सुरिंदरपाल ने गलत लाभार्थियों को मुआवजे का लाभ दिलाने के लिए गलत जानकारी देने में अहम भूमिका निभाई थी। उद्यानिकी विभाग द्वारा मुआवजे की अनुशंसा हेतु LAC गमाडा को भेजी गई मूल्यांकन रिपोर्ट में कुछ जमीन मालिकों के नाम और जमीन का हिस्सा राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार सही नहीं था।
लेकिन, उक्त पटवारी ने इस पर आपत्ति जताने की बजाय इस रिपोर्ट के अनुसार मुआवजा राशि जारी करने की रिपोर्ट दी। जिसने बाद में मुआवजा भुगतान जारी किया।
मुख्य आरोपी में से एक है सुरिंदरपाल
प्रवक्ता ने बताया कि सुरिंदरपाल निवासी MIG फ्लेट्स, सेक्टर-70, मोहाली को करोड़ों के अमरूद पौधों के मुआवजा घोटाले में आरोपी के रूप में नामजद किया गया है और आज गिरफ्तार कर लिया गया।
