वरिष्ठ पत्रकार: काजल (पंजाब दस्तक)
शिमला / हिमाचल प्रदेश:
हिमाचल प्रदेश में इन दिनों सवर्ण आयोग (Swarn Aayog) के गठन को लेकर सियासी गर्मी बढ़ी हुई है। इस बीच, सुक्खू सरकार में लोक निर्माण (PWD) मंत्री विक्रमादित्य सिंह का एक बेहद बेबाक बयान सामने आया है। विक्रमादित्य सिंह ने साफ लहजे में कहा है कि सही बात का समर्थन करना और गलत का विरोध करना ही उनका सिद्धांत है।
अपने जाने-पहचाने निडर अंदाज़ में बात रखते हुए मंत्री ने कहा, “मैं किसी से डरता नहीं हूँ, अपनी बात हमेशा ठोक-बजाकर सामने रखता हूँ।” उनके इस तेवर को सवर्ण समाज की मांगों और हर वर्ग को अपनी आवाज़ बुलंद करने का मौका देने से जोड़कर देखा जा रहा है।
हर समाज को अपनी बात रखने के लिए मिले सही मंच
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में हर वर्ग की बात सुनना सरकार का फर्ज़ है। प्रदेश में जिस तरह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, किसानों और बागवानों के लिए अलग-अलग मंच और बोर्ड बने हुए हैं, ठीक वैसे ही हर वर्ग को अपनी समस्याएं सरकार तक पहुँचाने की आज़ादी होनी चाहिए। उनका उद्देश्य एक ऐसा मंच देना है जहाँ लोग अपनी बात रख सकें और सरकार नियम-कानून के हिसाब से सही फैसले ले सके।
’संविधान के दायरे में ही होंगे सारे काम’
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का हर कदम देश और प्रदेश के संविधान के मुताबिक ही उठेगा। देश का कानून सबसे ऊपर है और हर वर्ग के अधिकारों की हिफाजत करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।
विधानसभा हो या सड़क, गलत के आगे झुकेगा नहीं विक्रमादित्य
राजनीतिक बयानों से इतर अपनी अलग छाप छोड़ने वाले विक्रमादित्य सिंह ने दोहराया कि वे चाहे विधानसभा के अंदर हों या बाहर, जनता के मुद्दों को पूरी मजबूती से उठाते रहेंगे। सही का साथ देना और गलत बात पर स्टैंड लेना ही उनकी राजनीति की पहचान है।
पंजाब दस्तक की नज़र:
सवर्ण आयोग की मांग के बीच विक्रमादित्य सिंह का यह रुख हिमाचल की राजनीति में क्या नया मोड़ लाएगा? इस पूरे मुद्दे पर आपकी क्या राय है? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें!
देखते रहिए पंजाब दस्तक!
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