हिमाचल पेंशनर्स की 15 प्रतिशत डीए और एरियर भुगतान की मांग

​हिमाचल: 5% डीए और 15% की मांग पर भड़के पेंशनर्स, दो टूक—”15% से कम डीए हमें मंजूर नहीं, इस उम्र में कब मिलेगा पूरा एरियर!”

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पंजाब दस्तक विशेष रिपोर्ट
​शिमला / सुरेंद्र राणा (ब्यूरो चीफ):

हिमाचल प्रदेश में दिवाली के पावन पर्व से ठीक पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा सरकारी कर्मचारियों और चतुर्थ श्रेणी (Class-4) कर्मियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी व विशेष आर्थिक राहत की घोषणा के बाद सूबे का सियासी और कर्मचारी पारा चढ़ गया है। जहाँ सरकार इसे कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा बता रही है, वहीं प्रदेश के 1.60 लाख से अधिक पेंशनभोगियों और पेंशनर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने इसे ‘ऊंट के मुंह में जीरे’ समान बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।


​1. मुख्यमंत्री की घोषणा और आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी
​शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की थी कि दीपावली के शुभ अवसर पर कर्मचारियों को 4% डीए के साथ-साथ बीते साल का पेंडिंग 1% डीए (क्योंकि पिछली बार 3% दिया गया था) भी दिया जा रहा है, जिससे यह कुल 5% डीए हो गया है। सरकार की तरफ से कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों की ही डीए से जुड़ी आधिकारिक नोटिफिकेशन अब जारी कर दी गई है, और यह बढ़ा हुआ डीए इसी पहली तारीख को खातों में देय होगा ताकि सभी अपनी दीपावली धूमधाम से मना सकें।


​2. “15% से कम डीए हमें मंजूर नहीं, 5% तो महज छलावा है” — सुरेश ठाकुर
​इस पूरे घटनाक्रम पर हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन सुरेश ठाकुर ने ‘पंजाब दस्तक’ के ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा से टेलीफोन पर हुई खास बातचीत में सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की है।


​सुरेश ठाकुर ने दो टूक और कड़े शब्दों में ऐलान किया:
​”सरकार द्वारा दिया गया 5% डीए पूरी तरह से नाकाफी है और यह ‘ऊंट के मुंह में जीरे’ जैसी बात है। हमारी स्पष्ट मांग 15% डीए (महंगाई भत्ता) की है। 15% से कम डीए हमें किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है! अगर सामान्य कर्मचारियों को 5% स्वीकार है तो वे लें, लेकिन प्रदेश का कोई भी पेंशनर 15% से कम पर समझौता नहीं करेगा।”


​3. क्लास-4 कर्मचारियों के लिए ₹10,000 की अतिरिक्त राशि का ऐलान
​मुख्यमंत्री ने इसी बीच घोषणा करते हुए कहा कि दीपावली के पावन पर्व को और अधिक खुशी से मनाने के लिए क्लास-4 (चतुर्थ श्रेणी) के कर्मचारियों को डीए के साथ पेंशन और पेयर का ₹10,000 की अतिरिक्त राशि बतौर तोहफा दी जाएगी, ताकि यह पैसा भी पहली तारीख को सीधे उनके खातों में पहुंच जाए।


​4. HRTC, निगमों और अन्य कर्मचारियों की अनदेखी
​टेलीफोन पर बातचीत के दौरान सुरेश ठाकुर ने यह भी विशेष रूप से उठाया कि एचआरटीसी (HRTC) और अन्य बोर्ड-निगमों के कर्मचारियों-पेंशनरों को उनका बनता वित्तीय लाभ और हक समय पर नहीं मिल रहा है। सरकार उन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज कर रही है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों वर्गों में भारी रोष है।


​5. एरियर, 96 महीनों के बकाए और 2023 की रिपोर्ट पर सन्नाटा
​पेंशनर्स नेताओं ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार ने केवल डीए की खानापूर्ति कर दी है, लेकिन—
​डीए के एरियर (बकाया) को लेकर कोई स्पष्ट नीति या आदेश नहीं दिए गए हैं।
​पिछले 96 महीनों के लंबित एरियर के भुगतान को लेकर सरकार पूरी तरह चुप है।
​वर्ष 2023 से लंबित डीए और वित्तीय रिपोर्ट का मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है, जिसे लेकर पेंशनभोगियों में भारी अनिश्चितता और असंतोष है।


​6. “इस उम्र में हमें पैसा कब मिलेगा?” — बुजुर्ग पेंशनर्स का छलका दर्द
​बुजुर्ग पेंशनर्स ने सरकार से सवाल पूछते हुए कहा है कि आज वे अपनी जिंदगी के अंतिम पड़ाव पर पहुँच चुके हैं। ऐसे में टुकड़ों में मिलने वाली राहत या बार-बार के इंतजार से उनका काम नहीं चलने वाला है। बुजुर्गों ने भावुक और कड़े शब्दों में कहा:
​”हम अब बुजुर्ग हो चुके हैं, इस उम्र में दफ्तरों और अदालतों के चक्कर काटने की ताकत नहीं बची है। सरकार हमें हमारा पूरा एरियर और 15% डीए का हक एकमुश्त और समय पर दे।”


​7. आर-पार की जंग: धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में होगा धमाकेदार धरना और विधानसभा घेराव
​सुरेश ठाकुर ने टेलीफोन पर स्पष्ट किया कि आगामी रणनीति के तहत 18 सितंबर को बिलासपुर में हुई बैठक के फैसलों के अनुसार सरकार की इस कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार आंदोलन होगा।
​धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में एक धमाकेदार धरना आयोजित किया जाएगा, जिससे सरकार की नींद हिला दी जाएगी।
​इसके साथ ही पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर भी प्रदर्शन होंगे और आगामी विधानसभा सत्र के दौरान भी सरकार को सड़क से लेकर सदन तक जोरदार तरीके से घेरा जाएगा। जब तक 15% डीए और पूरा एरियर नहीं मिलता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
​(विशेष कवरेज और विस्तृत टेलीफोन वार्ता: शिमला से सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ, पंजाब दस्तक)

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