सुरेंद्र राणा (ब्यूरो चीफ, पंजाब), बिलासपुर
बिलासपुर:
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) बिलासपुर के पहले ऐतिहासिक दीक्षांत समारोह में नव-दीक्षित चिकित्सकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण पल करार दिया। समारोह में देश की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह समूचे हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है कि महामहिम राष्ट्रपति स्वयं इस पावन और ऐतिहासिक अवसर पर चिकित्सकों का मार्गदर्शन करने के लिए उपस्थित रहीं।
राष्ट्रपति को कराया बिलासपुर के समृद्ध इतिहास से अवगत
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बिलासपुर जिले के समृद्ध इतिहास, हिमाचल प्रदेश की विशिष्ट अतिथि-सत्कार परंपरा, समृद्ध संस्कृति और लोक-आचार से रूबरू कराया। उन्होंने देवभूमि की पारंपरिक जीवनशैली और सेवा भावना का उल्लेख करते हुए प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की सराहना की।
रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से बदल रही स्वास्थ्य व्यवस्था
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में आ रहे क्रांतिकारी बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार आधुनिक चिकित्सा प्रणाली को आम नागरिक तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी साझा की कि राज्य के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं शुरू की गई हैं, जिससे प्रदेशवासियों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय व सटीक उपचार उपलब्ध हो रहा है।
उन्होंने नए डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे चिकित्सा को केवल पेशा न मानकर सच्ची मानव सेवा समझें और दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में अपना योगदान दें।
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