हमीरपुर (उमांशी राणा):
हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के ढांचे को पूरी तरह चाक-चौबंद करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ा बयान दिया है। ‘पंजाब दस्तक’ से विशेष बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि निगम को आज वातानुकूलित दफ्तरों में बैठने वाले अधिकारियों की नहीं, बल्कि सड़कों पर बसें दौड़ाने और वर्कशॉप संभालने वाले तकनीकी कर्मचारियों की सख्त जरूरत है।
दफ्तरों में अफसर ज्यादा, वर्कशॉप और सड़कों पर कर्मियों का टोटा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि HRTC की रीढ़ उसका फील्ड और तकनीकी स्टाफ है, जिनकी कमी को दूर करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
चालक-परिचालकों की तैनाती: रूटों पर बस सेवाएं सुचारू रखने के लिए ड्राइवर और कंडक्टरों की कमी को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
मैकेनिक और टायर मैकेनिकों पर जोर: वर्कशॉप में बसों के तुरंत रखरखाव और सुरक्षित संचालन के लिए मैकेनिकों और टायर मैकेनिकों की भारी आवश्यकता है, ताकि बसें तकनीकी खराबी के चलते डिपो में खड़ी न रहें।
प्रशासनिक फौज पर कैंची: मुख्यमंत्री ने साफ संकेत दिए कि दफ्तरों में फाइलों पर बैठे अफसरों की भारी भरकम संख्या को सीमित कर जमीनी स्तर पर तकनीकी व फील्ड स्टाफ को मजबूत किया जाएगा।
जमीनी स्तर पर व्यवस्था सुधार की तैयारी
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद साफ है कि सरकार अब HRTC के प्रशासनिक बोझ को घटाकर चालक, परिचालक, मैकेनिक और टायर मैकेनिक जैसे जमीनी कर्मचारियों की तैनाती पर सीधा फोकस करने जा रही है, ताकि आम जनता को सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन सेवा मिल सके।
