सुधीर शर्मा का FIR और विजिलेंस जांच पर बयान

कानून सबके लिए बराबर, डरा-धमकाकर चुप कराने की कोशिशें सफल नहीं होंगी: सुधीर शर्मा

Spread the love

​पंजाब दस्तक के वरिष्ठ संवाददाता भेषज के साथ विशेष बातचीत में सुधीर शर्मा ने एफआईआर, विजिलेंस जांच और राजनीतिक दबाव पर बेबाकी से रखी अपनी बात


​धर्मशाला (भेषज):
धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने विजिलेंस कार्रवाई, एफआईआर और राजनीतिक दबाव को लेकर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है। पंजाब दस्तक के वरिष्ठ संवाददाता भेषज के साथ एक विशेष बातचीत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश और प्रदेश में कानून सबके लिए बराबर है—चाहे वह मुख्यमंत्री हों, संतरी हों या कोई आम नागरिक।


​’घबराहट और फ्रस्ट्रेशन में दर्ज की गई एफआईआर’
​सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष और बौखलाहट का नतीजा है। उन्होंने खुलासा किया कि विजिलेंस और इनकम टैक्स की टीमें पहले भी तीन-तीन बार आकर उनके घर और संपत्तियों की जांच-पड़ताल कर चुकी हैं। जब इस जांच में कुछ नहीं निकला और मामला अदालत तक पहुंचा, तब आनन-फानन में अधिकारियों पर दबाव बनाकर यह एफआईआर दर्ज करवाई गई।


​”जब अदालत ने गृह मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए, तब घबराहट में आकर मेरे खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया। मेरे खिलाफ न तो कोई ठोस शिकायत है और न ही कोई कागजी सबूत।”
— सुधीर शर्मा


​’व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर बनाई जा रही टारगेट लिस्ट’
​वरिष्ठ पत्रकार भेषज द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए सुधीर शर्मा ने दावा किया कि पुलिस के आला अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जिसमें प्रदेश के कुछ चुनिंदा नेताओं और लोगों को टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस लिस्ट में उनका नंबर पहला है और मुख्यमंत्री खुद रोजाना इसकी रिपोर्टिंग ले रहे हैं कि किसके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई।


​’हम डरने या समझौता करने वालों में से नहीं हैं’
​संपत्तियों को जब्त करने और गरीबों में बांटने के बयानों पर पलटवार करते हुए सुधीर शर्मा ने कहा:
​निडरता से सामना: “जो गलत नहीं करता, वह किसी से डरता नहीं है। हम निडर किस्म के लोग हैं।”
​कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं: “हो सकता है कि कुछ लोग डरकर समझौता कर लेते हों, लेकिन हम समझौता करने वालों में से नहीं हैं।”
​संपत्ति पर तंज: “मैं कोई मां की कोख से संपत्ति लेकर पैदा नहीं हुआ था। अगर कुछ चला भी जाएगा तो क्या होगा? जो भी एसेट्स या वैल्यू है, वह सब पारदर्शी तरीके से सामने आएगी।”


​सुधीर शर्मा ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई या तो किसी हीनभावना (Inferiority Complex) का नतीजा है या फिर अपनी नाकामियों को छुपाने की फ्रस्ट्रेशन। उन्होंने साफ किया कि डरा-धमकाकर चुप कराने की राजनीति उनके सामने सफल नहीं होगी।


​विशेष अपील: आपका विश्वास, हमारी ताकत!
​पंजाब दस्तक अब केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों में हर वर्ग की आवाज बन चुका है। हम किसी व्यूज़ (Views) या टीआरपी (TRP) को बढ़ाने के लिए खबरें नहीं बनाते, बल्कि समाज की सच्ची और जमीनी समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।


​अपनी समस्या या खबर हम तक पहुँचाएँ:
यदि आपके पास प्रशासन या सरकार तक पहुँचाने के लिए कोई जनसमस्या, शिकायत या समाचार है, तो आप हमारे पंजाब दस्तक के आधिकारिक व्हाट्सएप/रिपोर्टिंग नंबर 9418055488 पर निसंकोच भेज सकते हैं। आपकी खबर को प्रमुखता से उठाया जाएगा।


​पंजाब दस्तक टीम की विनम्र अपील:
पंजाब दस्तक की पूरी टीम दोनों हाथ जोड़कर आपसे प्रार्थना करती है कि हमारे Facebook पेज, WhatsApp ग्रुप और वेबसाइट से ज़रूर जुड़ें। हमारी खबरों को लाइक करें, शेयर करें और कमेंट बॉक्स में अपनी राय ज़रूर दें।


​”आपका एक शेयर, लाइक और कमेंट हमारे पत्रकारों के मनोबल को बढ़ाता है और निष्पक्ष पत्रकारिता को हिम्मत देता है।”
​ऐसे ही ताज़ा और सटीक समाचार देखने के लिए आज ही फॉलो और सब्सक्राइब करें:
👉 पंजाब दस्तक — आपका अपना भरोसेमंद चैनल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *