शाहपुर/कांगड़ा
हिमाचल प्रदेश में पेंशनरों का बकाया एरियर जारी न होने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन और तय सीमा बीत जाने के बाद भी एरियर का भुगतान न होने पर पेंशनरों की जॉइंट एक्शन कमेटी (JAC) ने शाहपुर में जोरदार रोष रैली निकाली और सरकार के सामने अपनी बात रखी।
मुख्यमंत्री का बोला हर शब्द होता है पत्थर की लकीर: भूपराम वर्मा
रैली को संबोधित करते हुए जॉइंट एक्शन कमेटी के महामंत्री भूपराम वर्मा ने कहा कि मीडिया के समक्ष मुख्यमंत्री द्वारा किया गया वादा जनता के लिए पत्थर की लकीर होता है। उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री का पद बेहद गरिमामय होता है और उनके मुंह से निकला हर एक शब्द, हर वादा प्रदेश की जनता और पेंशनरों के लिए अंतिम विश्वास होता है।
मुख्यमंत्री जी ने जो वादा मीडिया के सामने किया था, कृपया उसे निभाएं। यदि सरकार अपना वादा पूरा करती है, तो सभी पेंशनर दोनों हाथ जोड़कर उनका धन्यवाद करने खुद सचिवालय जाएंगे। हमें पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री जी पेंशनरों की इस आवाज को जरूर सुनेंगे।”
स्वयंभू नेताओं और मीडिया ज्ञानबाजी पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान भूपराम वर्मा ने संगठन को कमजोर करने वाले ‘स्वयंभू नेताओं’ पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ नेता मीडिया के जरिए गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी और ज्ञानबाजी करके पेंशनर संगठन को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे सरकार को ढिलाई बरतने का बल मिलता है।
उन्होंने ऐसे नेताओं को संयम बरतने की सलाह दी और कहा कि इस समय पूरे पेंशनर समाज को एकजुट रहने की सख्त आवश्यकता है, ताकि हक की लड़ाई को मजबूती से लड़ा जा सके।
एकजुटता और विश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान
पेंशनर नेताओं ने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्त कर्मचारी आज भी मुख्यमंत्री के वादे पर विश्वास बनाए हुए हैं। सरकार को चाहिए कि वह पेंशनरों के बकाए का तुरंत भुगतान कर अपने वादे को धरातल पर उतारे, ताकि बुजुर्ग पेंशनरों को राहत मिल सके।
रिपोर्ट: भेषज
पंजाब दस्तक
