राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद पेपर लीक कानून 2026 लागू, 10 साल जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान।

पेपर लीक करने वालों की अब खैर नहीं: राष्ट्रपति मुर्मू ने दी संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी; 10 साल की सजा, 10 करोड़ तक का जुर्माना और फास्ट ट्रैक कोर्ट से होगा त्वरित न्याय

Spread the love

​पंजाब दस्तक (विशेष रिपोर्ट)
सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ


​देश में प्रतियोगी और सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने तथा युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026’ को अपनी मंजूरी दे दी है। संसद के दोनों सदनों से पारित होने और कानून मंत्रालय द्वारा गजट अधिसूचना जारी किए जाने के बाद अब यह सख्त कानून पूरे देश में लागू हो गया है। सरकार ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के खिलाफ छात्रों द्वारा किए गए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच इस विधेयक को प्राथमिकता के साथ पारित कराया है।


​यह नया कानून दो साल पुराने अधिनियम में संशोधन करता है, जिसमें जुर्माने की राशि बढ़ाने के साथ दोषियों के लिए कठोरतम सजा का प्रावधान किया गया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में छात्रों के प्रदर्शनों के बीच इस कानून को और सख्त बनाने तथा मामलों के निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का वादा किया था।


​कानून के मुख्य बिंदु और कड़े प्रावधान:
​सेवा प्रदाता (सर्विस प्रोवाइडर) कंपनियों पर सख्त कार्रवाई: परीक्षा आयोजित करने वाली सेवा प्रदाता कंपनियों के निदेशकों और प्रबंधकों को 5 से 10 वर्ष तक की जेल होगी और 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही ऐसी संस्थाओं पर 8 वर्ष तक परीक्षा आयोजित करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।


​संगठित अपराध पर 10 करोड़ का जुर्माना: पेपर लीक और संगठित गिरोहों के लिए न्यूनतम 7 साल से लेकर अधिकतम 10 साल की सख्त सजा और 10 करोड़ रुपये तक के भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
​दो माह में जांच और तीन माह में ट्रायल: प्रश्न पत्र लीक मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी की जाएगी। चार्जशीट दाखिल होने की तिथि से तीन महीने के अंदर केस का ट्रायल पूरा करना अनिवार्य होगा।


​विशेष अदालतें और एसटीएफ जांच: मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। मुकदमों की पैरवी के लिए विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति होगी। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर एसटीएफ (STF) या केंद्रीय जांच एजेंसियों से भी मामले की जांच कराई जाएगी।
​राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बने इस ऐतिहासिक कानून से देश भर के लाखों मेहनती अभ्यर्थियों और युवाओं का पारदर्शी परीक्षा प्रणाली पर विश्वास मजबूत होगा।


​ताजा खबर देखने के लिए पंजाब दस्तक को फॉलो करें, सब्सक्राइब करें और शेयर करें।
​अगर आपके पास गांव, पंचायत, शहर या आसपास की कोई खबर, समस्या या सूचना है, तो हमारे नंबर 9418055488 पर भेज सकते हैं। आपकी खबर को सरकार और प्रशासन तक प्रमुखता से पहुंचाया जाएगा।
​देखते रहें आपका मनपसंद चैनल — पंजाब दस्तक।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *