चंबा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू भाजपा विधायकों की संपत्ति जांच पर बयान देते हुए

​भाजपा विधायकों की 50-100 करोड़ की संपत्ति की हो निष्पक्ष जांच, घबराने की क्या जरूरत: CM सुखविंदर सिंह सुखू

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पंजाब दस्तक
​विशेष रिपोर्ट: उमांश (वरिष्ठ पत्रकार, पंजाब दस्तक)
​स्थान: चंबा (हिमाचल प्रदेश)


​पंजाब दस्तक (चंबा ब्यूरो): अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के पावन अवसर पर ऐतिहासिक चंबा की धरती पर पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू के तेवर पूरी तरह सख्त और आक्रामक नजर आए। दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ हुई अहम बैठकों के तुरंत बाद चंबा पहुंचे मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा विजिलेंस कार्रवाई और भाजपा नेताओं पर दर्ज एफआईआर के आरोपों का कड़े लहजे में मुंहतोड़ जवाब दिया।
​चंबा में ‘पंजाब दस्तक’ के वरिष्ठ पत्रकार उमांश द्वारा पूछे गए सीधे और तीखे सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने भाजपा विधायकों की बेहिसाब संपत्ति पर बड़ा हमला बोला। इसके साथ ही उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों में संभावित फेरबदल पर बड़ा बयान देकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।


​”50 से 100 करोड़ की संपत्ति कहां से आई? जांच से डर कैसा?”
​विपक्ष पर सीधा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भाजपा के कई विधायक ऐसे हैं, जिनकी संपत्ति 50 करोड़ से लेकर 100 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि आखिर इतनी अकूत संपत्ति किन स्रोतों से अर्जित की गई है?
​”यदि सब कुछ नियमों और कानून के दायरे में हुआ है, तो जांच से घबराने की क्या जरूरत है? संपत्ति कहां से आई—यह स्पष्ट कीजिए। यह कोई राजनीतिक विद्वेष की कार्रवाई नहीं, बल्कि जनता के सामने पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने का विषय है। अगर किसी ने ईमानदारी और अपनी मेहनत से संपत्ति बनाई है तो उसे डरने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन अगर भ्रष्टाचार के बल पर बेहिसाब धन बटोरा गया है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होगी और सच्चाई खुद-ब-खुद जनता के सामने आ जाएगी।”


सुखविंदर सिंह सुखू, मुख्यमंत्री
​भ्रष्टाचार के पैसों पर चलेगा जनहित का चाबुक
​मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर दृढ़ता से काम कर रही है:
​भ्रष्टाचारियों पर नकेल: प्रदेश में जिन लोगों ने भ्रष्टाचार को अपना धंधा बना लिया है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
​जनता का पहला हक: जनता के खून-पसीने की कमाई और सरकारी खजाने पर पहला अधिकार प्रदेश के गरीब, बेसहारा, जरूरतमंद लोगों और विधवा महिलाओं के बच्चों की शिक्षा का है।
​कड़ा एक्शन: भ्रष्टाचार के जरिए बनाई गई अवैध संपत्ति पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा और उस धन का उपयोग केवल जन-कल्याणकारी योजनाओं में होगा।


​कार्यशैली में सुधार की सलाह और संगठन-सरकार का तालमेल
​पार्टी आलाकमान और प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल द्वारा कार्यशैली में सुधार की चर्चाओं पर ‘पंजाब दस्तक’ के वरिष्ठ पत्रकार उमांश के सवाल का सीधा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी आलाकमान की सलाह का मुख्य उद्देश्य सरकार और संगठन के बीच मजबूत समन्वय बनाना, जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखना तथा प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाना है।
​मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आलाकमान का मार्गदर्शन हमेशा सरकार को अधिक कुशल और जनहितैषी बनाने के लिए होता है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व हिमाचल सरकार के कामकाज, जनहितैषी नीतियों और विकास कार्यों की लगातार समीक्षा कर रहा है और सरकार के फैसलों से पूरी तरह संतुष्ट है।


​कैबिनेट विस्तार और फेरबदल अंतिम चरण में
​दिल्ली दौरे के नतीजों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री सुखू ने बताया कि हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित फेरबदल की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
​प्रशासनिक कसावट: शीर्ष नेतृत्व के साथ विस्तृत चर्चा हो चुकी है। सरकार का मकसद केवल मंत्रियों की कुर्सियां भरना नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक कसावट देना तथा जनहित के कामों की रफ्तार बढ़ाना है।
​विभागों का फेरबदल: व्यापक जनहित और संगठन की मजबूती को ध्यान में रखकर ही विभागों का बंटवारा और फेरबदल किया जाएगा।


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