(किन्हीं कारणों से हमारा यह वीडियो करप्ट हो गया था और पूरी तरह नहीं चल पाया, लेकिन इस ग्राउंड रिपोर्ट के जो मुख्य अंश और मुख्य बातें थीं, वे हम आप तक पहुंचा रहे हैं।)
नई दिल्ली:
NEET परीक्षा धांधली को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच पंजाब दस्तक की टीम ने धरातल पर पहुंचकर छात्रों की असल आवाज को देश के सामने रखा है। जंतर-मंतर से हमारे वरिष्ठ पत्रकार के मार्गदर्शन में पंजाब दस्तक की संवाददाता नेहा अग्रवाल ने NEET अभ्यर्थी हर्ष दुबे से खास बातचीत की। इस विशेष बातचीत में हर्ष दुबे ने जंतर-मंतर के माहौल और आंदोलन के नाम पर हो रही राजनीति का पर्दाफाश किया।
जंतर-मंतर से सीधी ग्राउंड रिपोर्ट: छात्र का छलका दर्द
पंजाब दस्तक से बात करते हुए अभ्यर्थी हर्ष दुबे ने साफ कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों के मुख्य मुद्दों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है।
”मैं खुद मास्क लगाकर वहां पहुंचा था क्योंकि NEET अभ्यर्थी डर के साए में जीने को मजबूर हैं। जब मैंने वहां जाकर परीक्षा प्रणाली और छात्रों की असली समस्याओं पर बात करनी चाही, तो मुझे घेर लिया गया। वहां छात्रों के भविष्य की बात करने के बजाय सिर्फ ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ के नारे लगाए जा रहे हैं।”
हर्ष दुबे ने पंजाब दस्तक के जरिए कई तीखे सवाल खड़े किए:
राजनीतिक अखाड़ा बना मंच: जिस मंच को छात्रों के हक के लिए सजाया गया था, वहां अब अरविंद केजरीवाल, डिंपल यादव और अन्य नेताओं की चर्चा और जमावड़ा लगा हुआ है।
इस्तीफे से नहीं मिलेगा समाधान: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान या किसी भी नेता के इस्तीफे से छात्रों की समस्याएं खुद-ब-खुद खत्म नहीं होंगी। असली जरूरत शिक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर करने की है।
22 मिलियन समर्थकों से सवाल: 22 मिलियन बच्चों का समर्थन पाने वाले आयोजकों से सवाल उठाते हुए हर्ष ने कहा कि नेताओं को तरजीह देने के बजाय शिक्षा प्रणाली की गलतियों को निकालकर सरकार के सामने रखना चाहिए था।
नेताओं से सीधे सवाल: हर्ष दुबे ने सीजीपी और मंच पर मौजूद नेताओं से सीधा सवाल किया कि चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए इन नेताओं को गांव-देहात से आकर तैयारी करने वाले छात्रों के संघर्ष के बारे में क्या पता?
केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे के बाद भी वही सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया और नए शिक्षा मंत्री ने पदभार संभाल लिया है। लेकिन पंजाब दस्तक से बात करते हुए हर्ष दुबे ने स्पष्ट किया कि केवल चेहरा बदलने या इस्तीफे दे देने से एजुकेशन सिस्टम की बुनियादी कमियां दूर नहीं होंगी। जब तक व्यवस्था में सुधार नहीं होता, तब तक लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में रहेगा।
विशेष अपील:
यदि आपके पास भी परीक्षा प्रणाली या इस मुद्दे से जुड़ी कोई अहम खबर या जानकारी है, तो आप पंजाब दस्तक के आधिकारिक नंबर 9418480488 पर भेज सकते हैं।
देश और प्रदेश की हर निष्पक्ष और अंदर की खबर देखने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और फॉलो करें। देखते रहिए पंजाब दस्तक!
