पंजाब दस्तक विशेष बुलेटिन
चंबा जिला से वरिष्ठ पत्रकार भेषज की ग्राउंड रिपोर्ट
आसमानी आफत: मूसलाधार बारिश से चंबा जिला बेहाल, पांगी और भरमौर का संपर्क टूटा
चंबा: जिला चंबा में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच जनजातीय क्षेत्र भरमौर और पांगी का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है। एनएच-154ए (चंबा-भरमौर हाईवे) पर कई जगहों पर चट्टानें गिरने और भारी मलबे के कारण गाड़ियों के पहिए थम गए हैं। पांगी घाटी को जोड़ने वाला तिंदी-किलाड़ मार्ग भी ठप है, जिससे घाटी में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई रुकने का खतरा पैदा हो गया है।
आपदा में लूट: रास्ते बंद होने का फायदा उठा रहे कुछ मुनाफाखोर, पानी और खाने-पीने की चीजों के वसूले जा रहे मनमाने दाम
भरमौर/चंबा: भारी बारिश के कारण हाईवे पर जगह-जगह फंसे पर्यटकों और श्रद्धालुओं की मजबूरी का कुछ मुनाफाखोर नाजायज फायदा उठाने में जुट गए हैं। ग्राउंड जीरो से मिल रही रिपोर्टों के मुताबिक, चंबा से भरमौर रूट के बीच कई जगहों पर खाने-पीने की आवश्यक वस्तुओं और पानी की बोतलों के तय कीमत से दोगुने दाम वसूले जा रहे हैं। चाय, बिस्कुट और राशन जैसी जरूरी चीजों की कृत्रिम किल्लत दिखाकर यात्रियों को लूटा जा रहा है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने इस पर गहरा रोष जताते हुए मांग की है कि प्रशासन तुरंत हरकत में आए, बाजार नियंत्रण टीमों को फील्ड में उतारे और आपदा की आड़ में जनता को लूटने वाले ऐसे दुकानदारों और ढाबा संचालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई कर लगाम कसे।
प्रशासनिक नाकामी: मणिमहेश व अमरनाथ रूट पर श्रद्धालुओं की फजीहत, बुनियादी सुविधाएं ठप
भरमौर/चंबा: सावन के महीने में बाहरी राज्यों से आ रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी बदइंतजामी का सामना करना पड़ रहा है। चंबा शहर से लेकर भरमौर तक सड़कों पर पानी जमा है, सार्वजनिक शौचालयों में ताले लटके हैं और पीने के पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। प्रशासन के आपदा प्रबंधन के बड़े-बड़े दावे धरातल पर पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं। रास्तों में फंसे यात्रियों को इस खराब मौसम में खुले आसमान के नीचे आश्रय ढूंढना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय जनता और सैलानियों में भारी रोष है।
तीसा और सलूनी ब्लॉक: उफनते नालों ने बढ़ाई मुसीबत, कई पुलिया बही
तीसा/सलूनी: चुराह घाटी के तीसा और सलूनी ब्लॉक में बरसाती नाले उफान पर हैं। कई जगहों पर नालों में अचानक आई बाढ़ के कारण अस्थायी पुलिया बह गई हैं, जिससे करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय से पूरी तरह टूट गया है। दिहाड़ीदार ग्रामीण और स्थानीय कामकाजी लोग बीच रास्ते में फंसने को मजबूर हैं और उफनते नालों के बीच पैदल सफर करने का जोखिम उठा रहे हैं।
भटियात और सिहुंता ब्लॉक: ड्रेनेज सिस्टम फेल, बाजारों में घुसा मलबा
सिहुंता/भटियात: भटियात विधानसभा क्षेत्र के सिहुंता बाजार में जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। मात्र कुछ घंटों की बारिश में ही पूरा बाजार तालाब बन गया। नालियों की समय पर सफाई न होने के कारण बारिश का गंदा पानी और पहाड़ियों से आया मलबा दुकानों के भीतर घुस गया, जिससे स्थानीय व्यापारियों का लाखों का सामान खराब हो गया है। व्यापार मंडल ने लोक निर्माण विभाग की इस सुस्ती पर कड़ा ऐतराज जताया है।
चंबा शहर: ऐतिहासिक चौगान मैदान बना तालाब, सीवरेज व्यवस्था ने तोड़ा दम
चंबा शहर: जिला मुख्यालय चंबा की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है। शहर के बीचों-बीच स्थित ऐतिहासिक चौगान मैदान में भारी जलभराव हो गया है। सीवरेज की पाइपें चोक होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों को भारी बदबू और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद की इस सुस्ती पर शहर के वाशिंदों ने सवाल उठाए हैं।
मैहला और भट्टियां ब्लॉक: भूस्खलन की जद में आए रिहायशी मकान, दहशत में ग्रामीण
मैहला: मैहला ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा चरम पर पहुंच गया है। पहाड़ियों से लगातार मलबा गिरने के कारण कई रिहायशी मकान खतरे की जद में आ गए हैं। प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की तरफ से मौके पर मुस्तैदी नहीं दिखाई जा रही है, जिससे लोग डर के साए में सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
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