चुनावी वादों का हिसाब मांग रही जनता, दुष्प्रचार के नाम पर लोकतांत्रिक आवाज दबा रही कांग्रेस
केवल उप-मुख्यमंत्री की बेटी की नियुक्ति ही रही चर्चा में; पंचायती व स्थानीय चुनावों ने दिखाया सुक्खू सरकार को आईना
वरिष्ठ रिपोर्टर, पंजाब दस्तक
रिपोर्टर: मीनाक्षी
सिरमौर/नाहन:
हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार अब विपक्ष के चौतरफा और सीधे निशाने पर आ गई है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर चुनावी वादों को ठंडे बस्ते में डालने, जनता को गुमराह करने और व्यवस्था में फैले कथित भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए तानाशाही रवैया अपनाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व विधायक बलदेव तोमर ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि जनता अब खोखली बातों से नहीं, बल्कि धरातल की हकीकत से सरकार का मूल्यांकन करेगी। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया कि सत्ता में आने से पहले युवाओं से जो 5 लाख नौकरियों का वादा किया गया था, उसका क्या हुआ?
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ और भाई-भतीजावाद का आरोप
बलदेव तोमर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश का पढ़ा-लिखा युवा आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। कैबिनेट की पहली बैठक में 1 लाख सरकारी नौकरियां देने का दावा करने वाली कांग्रेस आज अपना लंबा कार्यकाल बीत जाने के बाद भी युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। रोजगार दफ्तरों के चक्कर काट रहे युवाओं के हाथ केवल निराशा लगी है।
तोमर ने सरकार के भीतर चल रहे कथित भाई-भतीजावाद और प्रशासनिक मोर्चे पर व्यवस्था को प्रभावित करने वाले फैसलों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि इस सरकार में अगर कोई रोजगार या नियुक्ति चर्चा में रही है, तो वह केवल उप-मुख्यमंत्री की बेटी की सरकारी पद पर हुई नियुक्ति है। उन्होंने सवाल उठाया:
”क्या कांग्रेस का रोजगार का वादा सिर्फ रसूखदारों और नेताओं के परिवारों तक ही सीमित था? आम जनता और गरीब परिवारों के योग्य युवाओं को दरकिनार कर केवल अपनों को उपकृत किया जा रहा है, जिसका जवाब कांग्रेस सरकार को जनता को देना ही होगा।”
Social Media पर दोषारोपण: लोकतांत्रिक आवाज दबाने का प्रयास
भाजपा नेता ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस अब अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए भारतीय जनता पार्टी और सोशल मीडिया पर ठीकरा फोड़ रही है। आज सोशल मीडिया पर प्रदेश की आम जनता अपनी समस्याएं और सरकार की विफलताएं खुलकर सामने रख रही है। जनता की इस आवाज को ‘दुष्प्रचार’ का नाम देना बेहद शर्मनाक है और यह लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का एक सीधा प्रयास है। उन्होंने नसीहत दी:
”सरकार यदि अपने कार्यों को लेकर वाकई आश्वस्त है, तो उसे जनता के तीखे सवालों का सामना करना चाहिए और जवाब देना चाहिए, न कि जायज आलोचनाओं से घबराकर सोशल मीडिया पर दोषारोपण करना चाहिए।”
स्थानीय चुनावों के नतीजों ने साफ किए संकेत, 2027 के दावे महज हवा-हवाई
बलदेव तोमर ने दावा किया कि हाल ही में संपन्न हुए पंचायती राज, बीडीसी (BDC) और जिला परिषद चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को जनता का व्यापक जन-समर्थन मिला है। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की लचर कार्यशैली से पूरी तरह नाराज हो चुकी है और भाजपा की नीतियों तथा संगठन पर अपना अटूट विश्वास जता रही है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं द्वारा साल 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर किए जा रहे बड़ी-बड़ी जीतों के दावों को महज राजनीतिक बयानबाजी और हवा-हवाई करार दिया। उन्होंने कहा कि चुनावी मंचों पर खड़े होकर बड़े-बड़े दावे करने से पहले कांग्रेस को यह हिसाब देना चाहिए कि महिलाओं को दी गई 1500 रुपये की गारंटी, युवाओं के रोजगार, कर्मचारियों के ओल्ड पेंशन और अन्य हितों तथा ठप पड़े विकास कार्यों से जुड़े वादों का आखिर क्या हश्र हुआ?
सड़क से सदन तक खुली पोल खोलेगी भाजपा
बयान के अंत में बलदेव तोमर ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश की जनता के हकों की लड़ाई लड़ती रहेगी। भाजपा लगातार जनता के बीच जाकर कांग्रेस सरकार की इन झूठी गारंटियों, रोजगार के फर्जी दावों और जन-विरोधी नीतियों को तथ्यों के साथ बेनकाब करेगी। लोकतंत्र में अंतिम और सर्वोच्च निर्णय जनता का ही होता है, और हिमाचल की जागरूक जनता अब वादों के जाल में फंसने वाली नहीं है, बल्कि काम और जवाबदेही के आधार पर इस सरकार का पाई-पाई का हिसाब चुकता करेगी।
