शिमला, सुरेंद्र राणा:इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स द्वारा बुलाए गए देशव्यापी बंद का असर हिमाचल प्रदेश में भी देखने को मिला। प्रदेश के सभी जिलों में मेडिकल दुकानें बंद रहीं, जिससे लोगों को दवाइयों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। यह बंद ऑनलाइन दवा बिक्री और दवाओं पर भारी छूट दिए जाने के विरोध में बुलाया गया था।
मेडिकल एंड ड्रगिस्ट सोसाइटी हिमाचल के अध्यक्ष संजीव पंडित ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी के बढ़ते कारोबार से पारंपरिक मेडिकल स्टोर संचालकों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि बिना उचित निगरानी और नियमों के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी जोखिम पैदा कर रही है। उन्होंने मांग उठाई कि दवाइयों की बिक्री केवल पंजीकृत मेडिकल स्टोर से ही होनी चाहिए और सरकार को ऑनलाइन फार्मेसी पर सख्त नियमन लागू करना चाहिए। इसके अलावा दवाओं पर भारी डिस्काउंट और अवैध बिक्री पर रोक लगाने की भी मांग की गई।संजीव पंडित ने बताया कि हिमाचल के केमिस्ट संगठनों ने देशव्यापी आंदोलन का समर्थन करते हुए बंद रखा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि दवा व्यवसाय और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है।
