सुरेंद्र राणा
सचिवालय में आज की बड़ी हलचल: मुख्यमंत्री ने बुलाई अहम समीक्षा बैठक, विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश
आज सुबह हिमाचल प्रदेश सचिवालय शिमला में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। पिछले कुछ घंटों में हुए इस बड़े प्रशासनिक घटनाक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे बड़े प्रोजेक्ट्स की प्रगति रिपोर्ट मांगी और अधिकारियों को बजट का सही समय पर इस्तेमाल करने के कड़े निर्देश जारी किए।
शिमला में आज सुबह से ही मौसम के बदले मिजाज, रिज मैदान पर छाई धुंध और ठंडी हवाओं से लुढ़का तापमान
राजधानी शिमला और आसपास के पर्यटन स्थलों कुफरी व नारकंडा में आज सुबह से ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। आसमान में घने बादल छाने और ठंडी हवाएं चलने के कारण पिछले 6 घंटों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आज दोपहर बाद शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी और ओलावृष्टि की आशंका जताई है।

लक्कड़ बाजार में सुबह-सुबह सड़क किनारे खड़ी तीन गाड़ियों पर गिरा भारी पेड़, बाल-बाल बचीं जानें
शिमला के लक्कड़ बाजार क्षेत्र में आज तड़के एक बड़ा हादसा टल गया। एक पुराना और भारी पेड़ अचानक उखड़कर सड़क किनारे खड़ी तीन कारों पर जा गिरा, जिससे गाड़ियाँ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गनीमत यह रही कि सुबह का समय होने के कारण गाड़ियों के भीतर या आसपास कोई मौजूद नहीं था। नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ को हटाया।
आईजीएमसी शिमला में आज सुबह से ओपीडी की पर्ची के लिए लगी लंबी कतारें, ऑनलाइन सिस्टम धीमा होने से मरीज परेशान
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिमला में आज सुबह ओपीडी खुलते ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सर्वर में आई तकनीकी खराबी के कारण ऑनलाइन पर्ची काउंटर बेहद धीमा चल रहा है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आए बुजुर्ग मरीजों और तीमारदारों को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन वैकल्पिक व्यवस्था में जुटा है।
चौपाल और रोहड़ू बेल्ट में आज बागवानों की बढ़ी धड़कनें, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से ओलावृष्टि का डर
शिमला जिले के सबसे बड़े सेब उत्पादक क्षेत्रों चौपाल, रोहड़ू और कोटखाई से आज सुबह की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, पहाड़ों पर घने बादल उमड़ रहे हैं। इस समय सेब के बागानों में फ्रूट设置 का नाजुक दौर चल रहा है। पिछले कुछ घंटों में बदले इस मौसम के कारण बागवानों को ओलावृष्टि का डर सता रहा है, क्योंकि इससे फसल को भारी नुकसान हो सकता है।

टूटीकंडी आईएसबीटी पर वीकेंड के चलते आज सुबह से ही बसों में भारी भीड़, अतिरिक्त बसें चलाने की मांग
शनिवार (वीकेंड) होने के कारण आज सुबह से ही शिमला के टूटीकंडी अंतरराज्यीय बस टर्मिनस पर यात्रियों और शिमला से बाहर जाने वाले लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही है। विशेषकर चंडीगढ़, कांगड़ा और मंडी रूट की बसों में पैर रखने की जगह नहीं है। यात्रियों ने परिवहन निगम से वीकेंड पर अतिरिक्त बसें रूट पर भेजने की मांग की है।
संजौली और छोटा शिमला में ट्रैफिक पुलिस का विशेष अभियान, अनाधिकृत पार्किंग पर आज सुबह से ताबड़तोड़ कार्रवाई
शिमला शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आज सुबह से ही पुलिस की टीमें सड़कों पर उतरी हुई हैं। संजौली, ढली और छोटा शिमला के मुख्य मार्गों पर नो-पार्किंग ज़ोन में खड़े वाहनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा रही है। पिछले कुछ घंटों के भीतर ही दर्जनों गाड़ियों के चालान किए गए हैं और कुछ को क्रेन से उठाया गया है।
रामपुर बुशहर में आज बिजली बोर्ड का विशेष मेंटेनेंस कार्य, कई ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहर तक कट
रामपुर और आसपास के उपमंडलों में बिजली लाइनों और ट्रांसफार्मरों की आवश्यक मरम्मत के चलते आज सुबह से ही कई ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति रोकी गई है। बिजली बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, मानसून से पहले पेड़ों की छंटाई और तारों को दुरुस्त करने का यह काम दोपहर बाद तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद सप्लाई बहाल होगी।
लोअर बाजार और मॉल रोड पर नगर निगम की टीम का आज सुबह औचक निरीक्षण, सफाई व्यवस्था को लेकर दी चेतावनी
शिमला नगर निगम के स्वास्थ्य और सफाई विंग ने आज सुबह शहर के मुख्य बाजारों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ व्यापारिक प्रतिष्ठानों और रेस्टोरेंट्स के बाहर कूड़ा-कचरा बिखरा पाए जाने पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई। निगम ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी है कि कूड़ा सही समय पर न फेंकने वालों के चालान काटे जाएंगे।
कुमारसैन क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर जल शक्ति विभाग की नई मुस्तैदी, टैंकों की सफाई का काम शुरू
गर्मियों की शुरुआत के साथ ही कुमारसैन और आसपास की पंचायतों में पानी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल शक्ति विभाग आज सुबह से ही फील्ड में सक्रिय है। मुख्य पेयजल योजनाओं के स्टोरेज टैंकों की सफाई और लीकेज को ठीक करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया गया है ताकि ग्रामीणों को दूषित पानी की समस्या न हो।
