चिट्टा तस्करी और इस तरह के अन्य संगठित अपराध से यदि किसी की मौत, तो दोषियों को मृत्युदंड : नंदा

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शिमला, सुरेन्द्र राणा: भाजपा प्रदेश है प्रभारी कर्ण नंदा ने राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट कर उनको जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा पूरे प्रदेश में सामाजिक कार्य, पौधारोपण एवं नशे के खिलाफ जन जागरण अभियान को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।कर्ण नंदा ने कहा कि नशा युवा पीढ़ी और समाज में व्यापक रूप से फैल एक बीमारी बन गया है और इस बीमारी को जड़ से उखाड़ फेंकना समाज एवं समस्त जनता का संकल्प है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब चिट्टा तस्करों को मृत्युदंड मिलेगा। सरकार ने चिट्टे की तस्करी सहित अन्य अपराधों पर कड़ाई बरतने के लिए हिमाचल प्रदेश संगठित अपराध, निवारण और नियंत्रण विधेयक 2025 को विधानसभा में पारित कर दिया। नंदा ने विधेयक को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसे विधानसभा की सिलेक्ट कमेटी को भेजने का सुझाव दिया और इस विधेयक में खनन सहित अन्य अपराधों को पहले ही जोड़ दिया है इस प्रकार की जानकारी हमको हासिल हुई है। इस विधेयक को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया था। विधेयक में किए गए प्रावधानों के तहत चिट्टा तस्करी, नकली शराब बेचने और इस तरह के अन्य संगठित अपराध से यदि किसी की मौत होती है तो दोषियों को आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक मिल सकता है। 10 लाख रुपये तक जुर्माना भी देना होगा। नशे से अर्जित की गई संपत्ति भी जब्त होगी।

विधेयक में संगठित अपराध के लिए उकसाने, प्रयास करने, षड्यंत्र रचने, जानबूझकर अंजाम देने में मदद करने वालों को भी कम से कम एक वर्ष के कारावास का प्रावधान किया गया है। नशे के अलावा अवैध खनन, वन कटान, वन्य जीवों की तस्करी, खतरनाक पदार्थों की डंपिंग, मानव अंगों की तस्करी, स्वास्थ्य विभाग में फर्जी बिल बनाने, मैच फिक्सिंग के मामले भी संगठित अपराध कहलाएंगे।नंदा ने कहा कि सरकार अपना कार्य कर रही है और विपक्ष भी अपना काम कर रहा है, पर राजनीति से उठकर नशे के खिलाफ लड़ना हमारा कर्तव्य है इसका पालन करते हुए किसी भी प्रकार की सूचना या जानकारी नशे को लेकर हमें प्राप्त होती है तो हमें तुरंत प्रशासन को इसकी जानकारी देनी चाहिए वह भी लिखित रूप में ताकि प्रशासन अपना काम और तेजी से कर सके।

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