दिल्ली:अमरीका में आरक्षण को लेकर दिए राहुल गांधी के एक बयान ने भारत की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। अब होम मिनिस्टर अमित शाह ने उन पर तीखा हमला बोला है। अमित शाह ने कहा कि आरक्षण समाप्त करने की बात करके राहुल एक बार फिर कांग्रेस का आरक्षण विरोधी चेहरा सामने लाए हैं। राहुल का बयान क्षेत्रवाद, धर्म और भाषा के आधार पर दरार पैदा करने की कांग्रेस की राजनीति को उजागर करता है। गृह मंत्री ने एक्स पर लिखा कि देशविरोधी बातें करना और देश को तोडऩे वाली ताकतों के साथ खड़े होना राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की आदत सी बन गई है।
चाहे जम्मू-कश्मीर में जेकेएनसी के देशविरोधी और आरक्षण विरोधी एजेंडे का समर्थन करना हो, या फिर विदेशी मंचों पर भारत विरोधी बातें करनी हो, राहुल ने देश की सुरक्षा और भावना को हमेशा आहत किया है। भाषा से भाषा, क्षेत्र से क्षेत्र और धर्म से धर्म में भेदभाव लाने की बात करना राहुल गांधी की विभाजनकारी सोच को दर्शाता है।
हिमंता बिस्वा बोले, राहुल की सोच आरक्षण विरोधी
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए नेहरू और राजीव गांधी का भी जिक्र किया। हिमंता ने कहा है कि राहुल की सोच आरक्षण विरोधी है और यही सोच नेहरू और गांधी परिवार की भी रही है। हिमंता ने कहा कि आरक्षण खत्म करने के बारे में राहुल गांधी का रुख नया नहीं है। यह गांधी परिवार के लंबे समय से चले आ रहे विचारों को दर्शाता है। वह केवल वही दोहरा रहे हैं जिसकी वकालत पंडित नेहरू और राजीव गांधी ने की थी, लेकिन लागू करने में कामयाब नहीं रहे।
