शिमला, सुरेन्द्र राणा; हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिला की पिन वैली में शुक्रवार शाम करीब 6 बजे बादल फट गया। इससे एक महिला मलबे में दब गई। देर शाम तक पुलिस ने महिला का शव बरामद कर लिया। भारी बारिश के बाद क्षेत्र में कुछ सड़कें भी बंद हो गई हैं।
वहीं कुल्लू, मंडी और शिमला के समेज में बादल फटने के बाद अभी भी 46 लोग लापता हैं। इनकी तलाश में रेस्क्यू टीमें लगी हुई हैं।
इस बीच बाढ़ पीड़ितों ने आपबीती सुनाई है। शिमला जिले के रामपुर के समेज गांव की अनीता ने कहा मैं अब कैसे जीऊंगी…? पूरा गांव श्मशान बन गया…। गांव में अब अकेला मेरा घर बचा है…। अनीता ने बताया कि उनके परिवार ने भागकर जान जरूर बचाई है, लेकिन अब परिवार अकेले बचा है। वे कैसे रहेंगे?
अनीता कह रही हैं कि भगवान यह आपने क्या कर दिया? गांव को श्मशान बना दिया। मुझे भी गांव वालों के साथ ले चलते। मैं गांव वालों के बगैर कैसे जीऊं?
उन्होंने बताया कि रात में अचानक से उनका घर हिला। वह जिस बिस्तर पर सोई थीं, वह भी हिल गया। फिर जोर-जोर से आवाजें आईं। जब बाहर निकलकर देखा तो तबाही मची हुई थी। इसी दौरान गांव के कुछ लोग उनके घर की ओर आए। उन्होंने हांफते हुए बताया कि बाढ़ आई है।
इसके बाद उनके परिवार के सदस्य रात में घर छोड़कर थोड़ी ऊंचाई पर स्थित भगवती माता के मंदिर में भागे। वहां पर उन्होंने पूरी रात काटी। उनके साथ गांव के ही 10-12 लोग भी मंदिर में थे। अनीता का कहना है कि उनका घर ऊंचाई पर था, इसलिए वे लोग बच गए।
अनीता ने बताया कि उनके घर में 5 सदस्य हैं। बाढ़ के समय घर में 4 लोग मौजूद थे। उनके मवेशी भी सुरक्षित हैं, लेकिन उनके पड़ोसी इस बाढ़ में बह गए। अनीता की तरह गांव में दूसरे लोग भी नम आंखों से अपनों को तलाश रहे हैं। सबकी नजरें समेज खड्ड पर टिकी हुई है। उम्मीद है कि उनके अपने सुरक्षित मिल जाएंगे।
