प्रदेश में नर्सरी से आठवीं तक के स्कूलों में मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना का शुभारंभ, मिलेगा केला, अंडा

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शिमला, सुरेंद्र राणा: प्रदेश के स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को मिड-डे मील में अब अंडा, केला या सेब मिलेगा। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना हिमाचल में शुरू कर दी है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने शनिवार को इस पॉलिसी की नोटिफिकेशन जारी कर दी। योजना के अनुसार हफ्ते में एक दिन बच्चों को अंडा या सेब अथवा केला मिलेगा।

दरअसल केंद्र सरकार के निर्देशों पर हिमाचल में भी मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना शुरू कर दी गई है। ये सभी आइटम लोकल मार्केट से खरीदनी होगी, ताकि खाना बच्चों को फ्रैश मिले। प्रति छात्र इसके लिए सात रुपए खर्च किए जाएंगे। मिड-डे मील कर्मियों को ये निर्देश दिए गए हैं कि हर हाल में इस पॉलिसी को लागू करना होगा। इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर इसके लिए छात्रों का फंड दिया जाएगा। बीईओ ही स्कूलों को ये फंड वितरित करेंगे। महीने में एक बार इसकी रिपोर्ट डिप्टी डायरेक्टर कार्यालय को भी भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल प्रबंधन समिति अंडे खरीदेगी और उबले अंडे, अंडा पुलाव या अंडा बिरयानी प्रदान करेगी तथा जो बच्चे शाकाहारी हैं उन्हें केला या कोई अन्य फल दिया जाएगा। -एचडीएम

2.50 लाख बच्चों पर मिलेगी डाइट

प्रदेश भर में 10,000 प्राथमिक और 2,000 माध्यमिक स्कूल हैं। प्राथमिक स्कूलों में 2.5 लाख के आसपास और माध्यमिक में करीब 50,000 बच्चे पढ़ाई करते हैं। इसके साथ ही ये भी निर्देश दिए गए हैं कि फूड सेफ्टी स्टेंटर्ड एक्ट के तहत खाने के सैंपल भी समय-समय पर लैब में टेस्टिंग के लिए भेजे जाएं। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर मिड-डे मील का राशन वितरित करने के लिए कहा गया है। तीसरी पार्टी के द्वारा मिड-डे मील का सोशल ऑडिट करने के लिए भी कहा गया है। इस योजना के तहत पहली से पांचवीं के विद्यार्थियों को 100 ग्राम चावल और छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को 150 ग्राम चावल प्रतिदिन मिलते हैं।

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