प्रदेश भर में बारिश-तूफान ने मचाई तबाही

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शिमला, सुरेंद्र राणा: पश्चिमी विक्षोभ का यह असर हिमालयी क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान में समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। बारिश का ज्यादा असर मैदानी इलाकों में देखने को मिला है। बारिश से किसानों की गेहंू की फसल प्रभावित हुई है। खासतौर पर बिलासपुर, सुंदरनगर, ऊना और कांगड़ा के सीमावर्ती क्षेत्रों में तेज गर्जना के साथ हुई बारिश ने फसल पर अपना प्रभाव छोड़ा है। मनाली और गगरेट में पेड़ गिरने से गाडिय़ां क्षतिग्रस्त हुई हैं।

मनाली में दस गाडिय़ां क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस दौरान एक व्यक्ति को भी चोटें आई हैं। गगरेट में तीन गाडिय़ों को नुकसान पहुंचा है। शिमला में ओलावृष्टि से सेब के बागीचों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटे के लिए मंडी, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर, कुल्लू और ऊना में ओलावृष्टि की संभावना जताई है।

शुक्रवार को सबसे ज्यादा बारिश घागस में दर्ज की गई है। यहां 19 मिलीमीटर, जबकि सुंदरनगर में 16.6 मिलीमीटर, भरमौर में 13 मिलीमीटर, बर्थथन में 8.2, बिलासपुर में 8 मिलीमीटर, जोत में 7.6 मिलीमीटर, डलहौजी में 6 मिलीमीटर और कसौली में चार मिलीमीटर बारिश हुई है। विभाग ने 24 अप्रैल तक मौसम के खराब रहने की संभावना जताई है। बारिश से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में गिरावट भी देखने को मिली है। शिमला, मनाली, किन्नौर और लाहुल-स्पीति के अधिकांश हिस्सों में तापमान तेजी से गिरा है।

आसमानी बिजली से तीन गोशालाएं राख
नगरोटा बगवां। नगरोटा बगवां की ग्राम पंचायत कलेड में गुरुवार रात आसमानी बिजली गिरने से तीन गोशालाएं जलकर राख हो गई। आग लगने के समय गोशालाओं में मवेशी मौजूद थे, लेकिन गांववासियों के सहयोग से उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया। इस बारे में हलका पटवारी को भी सूचित कर दिया गया है।

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