Himachal High Court: पेंशन अदायगी में देरी के लिए दोषी अधिकारियों से वसूला जाए ब्याज

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शिमला, सुरेंद्र राणा: प्रदेश हाईकोर्ट ने पेंशन अदायगी में देरी करने पर कड़ा संज्ञान लिया है। न्यायाधीश सत्येन वैद्य ने याचिकाकर्ता को छह फीसदी ब्याज सहित सभी सेवानिवृत्ति लाभ दिए जाने के आदेश दिए हैं।

अपने कर्तव्यों के निर्वहन में देरी के कारण सरकार को होने वाले नुकसान की भरपाई संबंधित कर्मी से निश्चित तौर पर होनी चाहिए। अदालत ने सेवानिवृत्त चिकित्सा अधीक्षक सोलन की ओर से पेश किए रिकॉर्ड का अवलोकन करने पर पाया कि याचिकाकर्ता ने 28 वर्ष से अधिक समय तक सरकार को अपनी सेवाएं दीं। नियमों के अनुसार याचिकाकर्ता सभी सेवानिवृत्ति लाभ पाने का हक रखता था।

याचिकाकर्ता को दिए गए सेवानिवृत्ति लाभों का लेखा-जोखा देखने के बाद अदालत ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को निराशाजनक और दर्दनाक बताया। सेवानिवृत्त होने के दो साल तक याचिकाकर्ता को सारे लाभ नहीं दिए गए। याचिकाकर्ता को मजबूरन कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पेंशन अदायगी में देरी करने पर कड़ा संज्ञान लिया है। न्यायाधीश सत्येन वैद्य ने याचिकाकर्ता को छह फीसदी ब्याज सहित सभी सेवानिवृत्ति लाभ दिए जाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने प्रधान सचिव स्वास्थ्य को आदेश दिए कि वह उन संबंधित कर्मियों के खिलाफ स्वतंत्र और निष्पक्षता से जांच करें, जिनकी वजह से याचिकाकर्ता को पेंशन संबंधी लाभ प्राप्त करने में देरी हुई। अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि ब्याज की राशि दोषी अधिकारियों से वसूली जाए। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान में देरी होने से संबंधित कर्मी ब्याज का हकदार हो जाता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ब्याज की राशि की अदायगी के लिए सार्वजनिक धन का इस तरह के अनुचित व्यय के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता।

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