चंडीगढ़, सुरेंद्र राणा: चंडीगढ़ में सभी गवर्नमेंट प्राॅपर्टीज को लेकर अब एक सेंट्रलाइज्ड पोर्टल बनेगा। प्रशासन अगले दो महीनों में इस पोर्टल को तैयार करवाएगा जिससे किसी भी प्राॅपर्टी की जानकारी एक क्लिक पर मिल जाए। इसमें पहले इस्टेट ऑफ़िस की प्राॅपर्टी का डेटा फीड किया जाएगा।
उसके बाद नगर निगम, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड का डेटा इसमें शामिल किया जाएगा। इस पोर्टल से पता चलेगा कि इस्टेट आॅफिस की कौन सी प्राॅपर्टी रिज्यूम है, किस तरह की प्राॅपर्टी पर कोर्ट केस चल रहे हैं, कहां से लीज मनी नहीं आई आदि।
इंटीग्रेटेड वेब बेस्ड मैप साॅल्यूशन..
आईटी डिपार्टमेंट इंटीग्रेटेड वेब बेस्ड मैप साॅल्यूशन को इंप्लीमेंट करने को लेकर काम कर रहा है। इससे चंडीगढ़ प्रशासन के इस्टेट आॅफिस, नगर निगम, एमसी से जुड़ी अलग अलग समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
ये चंडीगढ़ के लिए इंटीग्रेटेज प्राॅपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम होगा जिसमें मौजूदा प्राॅपर्टी रिकाॅर्ड को नए सिस्टम में रिकाॅर्ड किया जाएघा और नए प्राॅपर्टी आईडी जेनरेट की जाएघी। जीआईएस मैप के जरिए मौजूदा प्राॅपर्टी की वेरिफिकेशन हो सकेगी और अगर इसमें कोई गलती रह जाती है तो फिजिकल सर्वे करवाकर इसको ठीक किया जाएगा।
ये होगा काम
चंडीगढ़ में ज्यादातर कमर्शियल प्राॅपर्टी लीज पर है, इसलिए हर साल इनसे प्रशासन को लीज मनी या ग्राउंड रेंट आता है। इस पोर्टल के बनने से एडवांस में उनको ग्राउंड रेंट जमा करवाने के लिए जानकारी भेजी जाएगी, जिनका ग्राउंड रेंट जमा नहीं होता, उनको नोटिस भी एक साथ भेजे जा सकेंगे।
इसके अलावा सरकारी खाली जमीन चिह्नित हो जाएगी। इसका बड़ा फायदा ये होगा कि अलग-अलग अदालतों में प्राॅपर्टी के केस चल रहे हैं, इनकी तारीखें, सुनवाई में क्या हुआ, कहां पर रिप्लाई फाइल करना है इसको लेकर एक ही जगह पर पूरी जानकारी रहेगी। कमर्शियल, इंडस्ट्रियल, रेजिडेंशियल प्राॅपर्टी को लेकर ये जानकारी रहेगी। वहीं किस एरिया में कितनी खाली जगह बची है, एन्क्रोचमेंट वगैरह को लेकर भी डेटा मेंटेन किया जाएगा।
