पंजाब दस्तक, सुरेन्द्र राणा: मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा का 12 से 4 बजे तक रेल रोको आंदोलन का प्रोग्राम था। लेकिन इसमें भी यूनियनें अलग अलग दिखी। मोर्चा के पूर्व प्रधान बलवीर सिंह राजेवाल समेत 5 किसान यूनियनों ने इस आंदोलन में हिस्सा ही नही लिया। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां 16 प्रभावित जिलों में अलग से आंदोलन करते दिखी। बाकी 23 संगठनों ने अलग से ट्रेनें रोकीं।
एसकेएम के पूर्व प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि किसान संघर्ष कमेटी पंजाब, भाकियू (राजेवाल), भाकियू (मानसा), ऑल इंडिया किसान फेडरेशन व आजाद किसान संघर्ष कमेटी ने उसी दिन विरोध किया था जब केंद्र का फैसला आया था। मुद्दों पर बात करते हुए भाकियू एकता उगराहां के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां ने कहा, वैल्यू कट और मुआवजे के मुद्दे पर पंजाब सरकार का सिर्फ बयान आया है। सरकार भुगतान पर स्थिति स्पष्ट करें।
भाई की मौत पर घर जा रहे थे, फंस गए : चंद्रिका
अमृतसर स्टेशन पर परेशान यूपी स्थित गोरखपुर निवासी चंद्रिका प्रसाद ने रोते हुए बताया कि भाई की मौत हो गई तो पता चलते ही परिवार के साथ निकल पड़ा। दोपहर 1 बजे ट्रेन जानी थी लेकिन स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि ट्रेन घंटों लेट हो गई है। रुपए होते तो टैक्सी करके निकल जाता।
