पंजाब दस्तक: पंजाब के सुनाम ऊधम सिंह वाला में बकरी गुम होने के मामले को लेकर दो पक्षों में हिंसक झडंप हो गई। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक घायल हो गया। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग और एससीएसटी एक्ट के प्रावधानों में कार्रवाई की मांग को लेकर क्रांतिकारी पेंडू मजदूर यूनियन के नेतृत्व में मृतक बूटा सिंह का शव छाजली पुलिस थाने के सामने रखकर धरना लगाया गया।
जानकारी के अनुसार गुजरां गांव निवासी दमनजीत सिंह बकरी पालन करता है। वह सात फरवरी को किसी काम से बाहर गया था, उसी दिन दमनजीत सिंह का रिश्तेदार बूटा सिंह बकरियां चराने गया था। इस दौरान बकरी पालने वाला नारंग सिंह वहां बकरियां चरा रहा था।
तभी दमनजीत सिंह की एक बकरी गुम हो गई। जब शाम को बूटा सिंह, दमनजीत और रामकरण बकरी खोजने गये तो इस बात को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। इस दौरान हिंसक मारपीट हो गई।
नंगला निवासी बूटा सिंह पुत्र इंदर सिंह व गुजरां निवासी हंसा सिंह पुत्र दमनजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि गंभीर रूप से घायल बूटा सिंह निवासी नंगला की मृत्यु हो गई।
जिसके संबंध में पुलिस ने मृतक की पत्नी जसवीर कौर के बयानों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। धरनाकारियों ने कहा कि बूटा सिंह और दमनजीत सिंह अनुसूचित समुदाय से थे। हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार करने के अलावा मुकदमे में एससी/एसटी एक्ट जोड़ा जाना चाहिए।
