पंजाब दस्तक, सुरेंद्र राणा: ऑल इंडिया कांग्रेस में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वह गांधी परिवार की रबर स्टैंप नहीं हैं। बकौल खरगे- अगर मैं अध्यक्ष बनता हूं तो गांधी परिवार के इशारे पर नहीं बल्कि सांविधानिक तरीके से कार्य करूंगा। बुधवार को चंडीगढ़ कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में खरगे ने कहा कि इस तरह का बातें करने वाले लोग मेरे जरिये गांधी परिवार को टारगेट करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सबके साथ उनकी भी इच्छा थी कि राहुल गांधी अध्यक्ष बनें, लेकिन गांधी परिवार के किसी भी सदस्य ने इस चुनाव में न उतरने का फैसला लिया। लिहाजा कांग्रेस की विचारधारा को कायम रखने और इसके आगे बढ़ाने के लिए उन्हें चुनाव में उतरना पड़ा। खरगे ने कहा कि कांग्रेस विश्व की पहली ऐसी पार्टी है जो अपने अध्यक्ष पद के चुनाव भी लोकतांत्रिक तरीके से करवाती है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विधायकों की चोरी करने वाली पार्टी भाजपा को संविधान की न तो समझ है और न ही कोई कद्र। उन्होंने कहा कि वह निचले पायदान से चलकर यहां तक पहुंचे हैं और आज बतौर कार्यकर्ता अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे हैं। एक अन्य सवाल पर खरगे ने कहा कि उन्हें मोदी से राजनीति सीखने की जरूरत नहीं है।
कांग्रेस नेताओं के भाजपा में जाने के मसले पर उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त है, लेकिन जो कांग्रेस में हैं वे पार्टी के सच्चे सिपाही हैं। पार्टी में एक पद के नियम के आधार पर उन्होंने नामांकन से पहले ही अन्य पदों से इस्तीफा दे दिया है।
खरगे ने कहा कि देश और पार्टी की मजबूती में युवाओं की अहम भूमिका है। अगर वह अध्यक्ष बनते हैं तो पार्टी में 50 साल से कम आयु वर्ग के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित करने का प्रयास करेंगे। उनके साथ सांसद प्रमोद तिवारी और भूपिंद्र हुड्डा मौजूद रहे।
