शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार एक और विरोध का सामना करने जा रही है। बिजली बोर्ड के कर्मचारी लंबे समय से मांगो को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में अब एक बार फिर बिजली बोर्ड के कर्मचारी और पेंशनर 7 अगस्त को बोर्ड मुख्यालय के बाहर विशाल धरना-प्रदर्शन करने जा रहे हैं। यह प्रदर्शन पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, लंबित भुगतानों की अदायगी और बोर्ड में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ होगा।विओ,,,बिजली बोर्ड पेंशनर एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी देवेंद्र शर्मा ने बताया कि सरकार ने बोर्ड के लाभ का दावा किया है, लेकिन इसके बावजूद पेंशनरों और कर्मचारियों की जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड में कुछ अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और इसी के चलते बोर्ड की स्थिति बदतर होती जा रही है। देवेंद्र शर्मा ने कहा हाल ही में यह कहा गया कि बिजली बोर्ड ने 314 करोड़ रुपए का लाभ कमाया है तो फिर कर्मचारियों और पेंशनरों को उनका हक़ क्यों नहीं मिल रहा? कई वरिष्ठ अधिकारी बोर्ड को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन हम यह हरगिज़ नहीं होने देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि एक समय बिजली बोर्ड में 43 हज़ार से ज़्यादा कर्मचारी काम करते थे, जो अब घटकर 13 हज़ार रह गए हैं। उन्होंने मांग की है कि चार्जशीट किए गए कर्मचारियों और आउटसोर्स 81 लोगों ओर खत्म की गई पोस्ट को पुनः बहाल किया जाना चाहिए। कहा कि अगर सरकार हमारी आवाज़ दबाने की कोशिश करेगी तो हम और बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे।
