शिमला, सुरेन्द्र राणा: सात जिलों में आबकारी एवं कराधान विभाग बुधवार को दोबारा से ऑक्शन करने जा रहा है। प्रदेश के इन जिलों में अभी तक कई शराब यूनिट बिक नहीं पाए हैं, जिसके चलते एक बार फिर से प्रयास किया जाएगा। पिछले दो दिनों से लगातार शराब ठेकेदारों से बातचीत करते हुए आबकारी विभाग फील्ड में शराब ठेकों की बिक्री के लिए प्रयास कर रहा है, मगर अभी भी कई शराब यूनिट ऐसे हैं, जो नहीं बिक पाए हैं। राज्य के सात जिलों में इस तरह की स्थिति है और ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि आबकारी विभाग पहले से ज्यादा महंगी दरों पर शराब ठेके की बिक्री करने की कोशिशों में है। प्रदेश के शराब ठेकेदार इतनी महंगी दरों पर इनकी खरीदारी से बच रहे हैं।
जिन सात जिलों में अभी तक शराब ठेकों की पूरी तरह से बिक्री नहीं हो पाई है, उनमें शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, लाहुल-स्पीति, बिलासपुर और ऊना जिला शामिल है।
इन जिलों में 30 और 31 मार्च को भी शराब ठेकों की नीलामी की प्रक्रिया चली, परंतु पूरी तरह से कामयाबी नहीं मिल पाई है। अगर सरकार की तरफ से शराब के रेट में ठेकेदारों की मासिक बढ़ोतरी की जाती है, तो ही राज्य सरकार को लक्ष्य के मुताबिक 2850 करोड़ रुपए तक की इनकम हो सकती है।
आबकारी विभाग के आयुक्त यूनुस ने एक और पत्र फील्ड अधिकारियों को निकाला है और इन सात जिलों में दो अप्रैल को एक बार फिर से बचे हुए शराब यूनिट्स की बिक्री के लिए नीलामी प्रक्रिया अपनाने के लिए कहा गया है।
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