शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार की ओर से पशुपालन निदेशक प्रदीप कुमार शर्मा को दिए गए सेवा विस्तार को रद्द कर दिया है। अदालत ने सरकार की ओर से जारी 2 जनवरी 2025 की उस अधिसूचना को खारिज कर दिया, जिसके तहत पशुपालन निदेशक को छह महीने के सेवा विस्तार की मंजूरी दी गई थी।
न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने याचिकाओं का निपटारा करते हुए कहा कि रिकॉर्ड से पता चलता है कि सेवा विस्तार देते हुए प्रचलित नियमों की अवहेलना की गई है। खंडपीठ ने कहा कि सेवा विस्तार सरकार का क्षेत्राधिकार है, सरकार सार्वजनिक हित को लेकर ऐसे फैसले ले सकती है, लेकिन ये सेवा विस्तार अध्याय-22 में निर्धारित नियमों के प्रावधानों के विपरीत नहीं होने चाहिए। अदालत ने साथ ही कहा कि सेवा विस्तार की वजह से कई व्यक्ति पदोन्नति से चूक जाते हैं। अदालत ने प्रतिवादी सरकार समेत पशुपालन विभाग को नए सिरे से डीपीसी करवाने के दिए निर्देश दिए।
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