शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत वोकेशनल शिक्षकों ने राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में फिर से धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। निजी कंपनियों के अधीन काम नहीं करने का एलान करते हुए पिछले चार दिनों से शिमला में बैठे वोकेशनल शिक्षकों ने अब कक्षाओं का बहिष्कार कर तब तक धरने पर डटे रहने का फैसला लिया है जब तक सरकार कंपनी को बीच से हटाकर बाहर का रास्ता नहीं दिखा देती।
व्यावसायिक शिक्षको का कहना हैं 2174 व्यावसायिक शिक्षक अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। जब तक विभाग सर्विस प्रोवाइडर कंपनी को बाहर का रास्ता नहीं दिखाता, तब तक शिक्षक हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व में मुकेश अग्निहोत्री कंपनी को बाहर करके वोकेशनल शिक्षकों के लिए स्थाई नीति बनाने की बात कर चुके हैं लेकिन अब ऐसा नहीं हुआ है। शिक्षकों का कहना है कि बीते शनिवार को इस मामले को लेकर शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें कई मामलों पर सहमति बनी, लेकिन कंपनियों को बाहर करने के मामले पर कोई फैसला नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि एम ओ यू केवल दो पक्षों में होना चाहिए कंपनी को बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए यह कंपनियां केवल शोषण का काम कर रही है। जब तक सरकार उनकी मांग नहीं मानेगी वह स्कूल नहीं लौटेंगे।
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