शाही महात्मा गैंग के पांच और गुर्गे अरेस्ट, आरोपी लंबे समय से चला रहे थे नशे का रैकेट

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शिमला, सुरेन्द्र राणा : शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘शाही महात्मा गैंग’ के पांच और तस्करों को गिरफ्तार किया है। शाही महात्मा गैंग पिछले करीब तीन से चार साल से अप्पर शिमला के कोटखाई, रोहड़ू और चिडग़ांव क्षेत्रों में चिट्टे की तस्करी का रैकेट चला रही थी। शिमला पुलिस ने शाही महात्मा गैंग के अब तक करीब 72 सदस्य पुलिस के शिकंजे में आ चुके हैं। हालांकि कुछ आरोपियों को अदालत से जमानत भी मिल चुकी है।

पुलिस ने इस गैंग का भंडाफोड़ पिछले साल कोटखाई थाना क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर के एक आरोपी से 468 ग्राम चिट्टा बरामद होने के बाद किया था। इस कार्रवाई में गिरोह का मुख्य सरगना शाही महात्मा पुलिस के हत्थे चढ़ा। पुलिस को गैंग के वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई अहम सुराग मिले। जांच में पता चला कि गैंग के पास करीब सात से आठ करोड़ रुपए की ड्रग मनी थी, जिसे आधार बनाकर पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी।

कई महीनों तक चली छानबीन के बाद अब गिरोह के पांच और प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है।पुलिस ने ताजा कार्रवाई में जिन पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है, उनमें आशुतोष शर्मा उर्फ लवली (27) झराग जुब्बल, नरेंद्र कुमार उर्फ नंदू (40) हाटकोटी जुब्बल, सलमान हैदर (35) रसूलपुर सईद तहसील नजीबाबाद बिजनौर उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इन पर एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से ही केस दर्ज हैं। इसी तरह पृथ्वी राज उर्फ हिटलर (48) धनवारी चिडग़ांव शिमला पर भी पहले एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मामला दर्ज है और धारा 304 आईपीसी के तहत 10 साल की सजा भी हो चुकी है। इसके अलावा वांछित तस्कर कुलवंत को चिडग़ांव से गिरफ्तार किया गया है।

यह गिरोह जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब और उत्तर प्रदेश के बड़े ड्रग तस्करों से संपर्क में था। वहीं प्रदेश सरकार ने ‘ड्रग फ्री हिमाचल’ का संकल्प लिया है और इस दिशा में पुलिस, प्रशासन और एनजीओ मिलकर काम कर रहे हैं। हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री ने जानकारी दी थी कि 60 से अधिक सरकारी कर्मचारी भी चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाए गए हैं।

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