शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक सोमवार को होगी। विधानसभा सत्र के बाद इस बैठक का आयोजन होगा। सोमवार को यह बैठक होने जा रही है, जिसमें विधानसभा में लाए जाने वाले नए विधेयकों को लेकर चर्चा कर उन्हें सदन में लाने की अनुमति मिलेगी। सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र का आखिरी सप्ताह शुरू होगा।
28 मार्च तक बजट सत्र होना है और इस आखिरी सप्ताह में विपक्ष तीखे तेवर दिखा सकता है। इसके साथ ही सत्तापक्ष भी उसे माकूल जवाब देगा, जिसकी भी तैयारी कांग्रेस विधायक दल करेगा। अभी तक की जो कार्यवाही हुई है, उसमें उतना बड़ा हो-हल्ला देखने को नहीं मिला। बहुत कम मुद्दों पर विपक्ष सदन से बाहर गया है। सत्तापक्ष की ओर से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहले धन्यवाद प्रस्ताव पर और फिर बजट चर्चा में विपक्ष को खरी-खरी सुनाई है। अब आखिरी सप्ताह में देखना होगा कि सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच किन मुद्दों पर गर्माहट आती है।
सोमवार से सदन में बजट पर अनुदान मांगों पर चर्चा होगी और फिर कटौती प्रस्ताव लाए जाएंगे।इसके साथ कैग की रिपोर्ट भी रखी जाएगी, वहीं कई नए विधेयक लाकर शासकीय कार्यवाही आगे बढ़ेगी। सदन में पांच बैठकों का सत्र शेष है और हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की बसों का मुद्दा पंजाब सरकार के साथ पूरी तरह से सुलझा नहीं है। इसके अतिरिक्त विमल नेगी मौत से जुड़ा मामला सदन में गूंजेगा। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा सहारा योजना का मामला उठाएगी। इसके अतिरिक्त कम्प्यूटर साइंस और धारा-118 का मामला उठाएगा। दो साल के दौरान कितने लोगों ने धारा-118 के तहत जमीन खरीदी और बेनामी सौदे के आरोप यहां गूंज सकते हैं। शून्यकाल के दौरान विषय विशेष के मामले उठेंगे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सोमवार को विधानसभा सत्र के बाद मंत्रिमंडल बैठक होगी। बैठक में सत्र के दौरान लाए जाने वाले विधेयकों को मंजूरी प्रदान की जाएगी।
इसमें सबसे महत्त्वपूर्ण विधेयक संगठित अपराध सिडिंकेट या गिरोह की तरफ से गैर कानूनी गतिविधियों की रोकथाम और नियंत्रण के अलावा उससे निपटने से संबंधित है। इस विशेष प्रावधान चिट्टे जैसे नशे के कारोबार से जुड़े अपराधियों पर नकेल कसने को लेकर है। इसके अलावा तकनीकी विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति एवं शिक्षा निदेशालय से जुड़े विषयों को लेकर भी सरकार कोई निर्णय ले सकती है। बजट सत्र का आखिरी सप्ताह काफी ज्यादा व्यस्त रहेगा, जिसमें पूरा शासकीय कार्य निपटाया जाना है। अभी तक सरकार की ओर से कोई भी विधेयक नहीं लाया गया था।
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