शिमला, सुरेन्द्र राणा; भाजपा नेता एवं पूर्व चेयरमैन सूरत नेगी ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन के मुख्य अभियंता विमल नेगी का शव आठ दिन बाद बिलासपुर जिले के पुलिस थाना तलाई के तहत पपलाह पंचायत के गाह गांव में गोबिंदसागर झील के किनारे मिला। देर शाम नेगी के स्वजन एसपी शिमला के कार्यालय पहुंचे और जांच की मांग की। स्वजन ने एसपी शिमला से मुलाकात के दौरान अंदेशा जताया है कि विमल नेगी को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया गया है। हम यकीन है कि इस पूरी वारदात में पावर कारपोरेशन के कुछ अधिकारियों के नाम भी शिकायत के तौर पर शामिल है।
शिमला में सदर थाना में 10 मार्च की रात करीब नौ बजे मामला दर्ज हुआ और उनकी तलाश शुरू की गई। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो पता चला कि लिफ्ट के पास से वह टैक्सी में बैठकर कहीं निकल गए। उन्हें घुमारवीं में आखिरी बार देखा गया था।
नेगी में सरकार पर प्रश्न उठते हुए कहा कि कहीं विमल नेगी पर कोई अनैतिक काम करवाने के लिए दबाव तो नहीं था ? अगर इसमें कोई उच्च अधिकारी संलिप्त है तो उसके खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी ? हम मांग करते है कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और अच्छा होगा अगर इस पूरे मामले को सीबीआई जांच हो।
नेगी ने कहा कि क्या इस पूरे मामले कोई ऊना जिला से संबंधित सोलर प्रोजेक्ट तो घेरे में नहीं आ रहा ? अगर आ रहा है तो उस प्रोजेक्ट से संबंधित सभी दस्तावेजों की स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच होनी चाहिए।
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