शिमला, सुरेन्द्र राणा; हिमाचल प्रदेश की अफसरशाही में जल्द फेरबदल की संभावना है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना इस महीने सेवानिवृत होने जा रहे हैं। इसके बाद अफसरशाही का मुखिया कौन होगा, इसे लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। अगर सरकार वरिष्ठता को कंसीडर करती है तो 1988 बैच के आईएएस संजय गुप्ता का नाम सबसे पहले आता है। उसके बाद 1993 बैच अफसर केके पंत हैं। चंबा जिले से संबंध रखने वाले आईएएस अधिकारी ओंकार शर्मा 1994 बैच के हैं। उनका नाम भी मुख्य सचिव की दौड़ में शामिल है।अफसरशाही में इन तीनों अधिकारियों के नाम पर अटकलें लगाई जा रही हैं। अफसरशाही के मुखिया का फैसला सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू को लेना है।
उधर, 1990 बैच के आईएएस अधिकारी प्रबोध सक्सेना 31 दिसंबर, 2022 को मुख्य सचिव बने थे। इस महीने सेवानिवृत्त होने के चलते अब उन्होंने रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के अध्यक्ष पद के लिए आवेदन किया है। उनके साथ 14 और प्रशासनिक अधिकारियों ने इसके लिए आवेदन किया है।
रेरा में अध्यक्ष पद का कार्यकाल पांच साल का होता है। ऐसे में अफसरशाही में इस पद के लिए दिलचस्पी रहती है। हिमाचल के मुख्य सचिव रहे डॉ. श्रीकांत बाल्दी भी सेवानिवृत्ति के बाद रेरा में चले गए। अब उनका कार्यकाल पूरा हुए करीब तीन महीने होने जा रहे हैं। अध्यक्ष के अलावा रेरा के दो सदस्य भी सेवानिवृत्त हो गए हैं। अब मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली कमेटी को को नया अध्यक्ष चुनना है। मौजूदा मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को रेरा के अध्यक्ष के तौर पर आवेदन करने से पहले सरकार ने उन्हें एनओसी दे दिया है।
+ There are no comments
Add yours