चंडीगढ़, सुरेन्द्र राणा: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज स्पष्ट रूप से कहा कि किसानों से बातचीत के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले हैंए लेकिन आंदोलन के नाम पर आम लोगों को परेशान करने से बचना चाहिए।
आज पंजाब भवन में किसानों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के विभिन्न वर्गों से संबंधित मुद्दों को बातचीत के माध्यम से हल करने के लिए हमेशा तैयार है, इसलिए रेलों या सडक़ों को रोकने से आम जनता को होने वाली परेशानी से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाईयां आम लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी करती हैं। इससे लोग आंदोलनकारियों के खिलाफ हो जाते हैं और समाज में फूट पड़ती है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि दुर्भाग्य से आम लोगों को ऐसे विरोध प्रदर्शनों के कारण बहुत नुकसान उठाना पड़ता है, जो पूरी तरह से अनुचित और अन्यायपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही विरोध प्रदर्शन करना किसानों का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उन्हें यह भी सोचना चाहिए कि इससे राज्य को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारी और उद्योगपति इस बात पर दुख व्यक्त कर रहे हैं कि बार-बार सडक़ें और रेल मार्ग जाम करने से उनके व्यवसाय तबाह हो रहे हैं।भगवंत सिंह मान ने किसानों से समाज में फूट डालने वाली ऐसी रणनीतियों से बचने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी है, लेकिन उनकी सभी मांगें केंद्र सरकार से संबंधित हैं। उन्होंने आगे कहा कि किसान यूनियनों के लगातार विरोध प्रदर्शनों के कारण पंजाब और पंजाबियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एक उदाहरण देते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि सडक़ों को जाम करने से रोज़ाना हज़ारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे अपने विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से आम लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी करने से बचेंए क्योंकि इससे लोगों के रोज़मर्रा के कामकाज में बाधा उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि रेलों और सडक़ों को जाम करने से केंद्र सरकार पर कोई असर नहीं पड़ताए लेकिन आम लोगों के जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि वह राज्य के किसानों के अधिकारों के संरक्षक हैं और उनके हितों की हर कीमत पर रक्षा की जाएगी।
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